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“जयपुर स्कूल विवाद”  CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने सरकार को अल्टीमेटम,

जयपुर स्कूल विवाद

जयपुर स्कूल विवाद राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में समाप्त हुए प्रदर्शन के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब राजस्थान की राजधानी जयपुर को अपने अगले विरोध प्रदर्शन का केंद्र बनाने का ऐलान किया है।

संगठन के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके ने जयपुर जिले के एक प्राथमिक विद्यालय का दौरा करने गए कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के बाद स्थानीय प्रशासन और सरकार को 48 घंटे की कड़ी चेतावनी जारी की है।

क्या है जयपुर स्कूल विवाद और 48 घंटे की चेतावनी?

CJP के संयोजक अभिजीत दिपके ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर क्षतिग्रस्त स्कूल के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता और कार्यकर्ताओं पर हमला करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तो वे स्वयं जयपुर पहुँचकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।

दिपके ने अपने बयान में समर्थकों और आम जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो सभी को जयपुर में एकत्र होना चाहिए और उसी तर्ज पर विरोध दर्ज कराना चाहिए जैसा दिल्ली के जंतर-मंतर पर किया गया था।

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रामपुर-कंवरपुरा प्राथमिक विद्यालय का मामला

पूरा विवाद जयपुर जिले के बगरू विधानसभा क्षेत्र में स्थित रामपुर-कंवरपुरा गाँव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा है। CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका अपने समर्थकों के साथ 15 अगस्त से चलाए जा रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत इस विद्यालय की स्थिति का जायजा लेने पहुँचे थे।

दौरे के दौरान CJP प्रतिनिधियों का स्थानीय लोगों और कथित राजनीतिक कार्यकर्ताओं से आमना-सामना हुआ, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कार्यकर्ताओं को वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। CJP नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि यह हमला प्रायोजित था और इसका उद्देश्य विद्यालय की बदहाल स्थिति को उजागर होने से रोकना था।

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जानवरों के शेड में चलने को मजबूर है विद्यालय

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामपुर-कंवरपुरा का सरकारी प्राथमिक विद्यालय मात्र 100 वर्ग गज की जर्जर इमारत में संचालित हो रहा था। इमारत की स्थिति अत्यधिक खतरनाक होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से इसे खाली करा दिया गया था। इसके बाद से कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की पढ़ाई पास ही स्थित लगभग 150 वर्ग गज के एक टीन शेड में कराई जा रही है।

इस शेड का उपयोग मवेशियों के चारे और पशुधन रखने के लिए भी किया जाता है। छात्र अत्यधिक भीषण गर्मी, ठंड और बारिश के मौसम के बीच जानवरों के चारे के निकट बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पिछले डेढ़ साल से विद्यालय भवन के निर्माण के लिए संबंधित विभाग और मंत्रियों से गुहार लगा रहे हैं।

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बजट की स्वीकृति के बावजूद निर्माण कार्य अटका

स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार:

क्षेत्रीय विधायक कोष से विद्यालय निर्माण हेतु ₹12.50 लाख की राशि स्वीकृत की जा चुकी है।

बजट की स्वीकृति के बावजूद धरातल पर निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है।

ग्रामीणों ने माँग की है कि स्वीकृत राशि का उपयोग कर अविलंब भवन निर्माण कराया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस विषय पर अनावश्यक राजनीति के बजाय समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाना चाहिए।

CJP का भावी रुख और आधिकारिक माँगे

CJP नेतृत्व ने अपनी मांगों की सूची में निम्नलिखित मुख्य बिंदु शामिल किए हैं:

बगरू के रामपुर-कंवरपुरा स्कूल भवन का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।

शैक्षणिक संस्थानों की बदहाली की तस्वीरें या वीडियो लेने पर रोक लगाने वाले प्रशासनिक सर्कुलर को वापस लिया जाए।

CJP कार्यकर्ताओं के साथ हुई झड़प के जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    संगठन का कहना है कि प्राथमिक शिक्षा की बुनियादी सुविधाओं में सुधार उनकी प्राथमिकता है और यदि तय समय सीमा में कदम नहीं उठाए गए तो जयपुर में राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

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