“मनोज जरांगे मराठा आरक्षण” मुंबई मार्च की घोषणा,
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन एक बार फिर उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने घोषणा की है कि समुदाय अब अपनी मांगों को लेकर राजधानी मुंबई की ओर मार्च करेगा। इस विरोध मार्च की तारीख और विस्तृत मार्ग (रूट) शनिवार को आयोजित होने वाली बैठक में तय किया जाएगा।
इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जालना पहुंचकर मनोज जरांगे से मुलाकात की और राज्य सरकार को आंदोलन में जबरन हस्तक्षेप न करने की सख्त चेतावनी दी।
CJP प्रमुख अभिजीत दिपके की सरकार से अपील
जालना में मनोज जरांगे से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए CJP नेता अभिजीत दिपके ने राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों पर निशाना साधा।
संवाद स्थापित करने की मांग: दिपके ने कहा कि सरकार को तुरंत मनोज जरांगे से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बलपूर्वक आंदोलन दबाने की कोशिश की, तो पूरे महाराष्ट्र की जनता सड़कों पर उतर आएगी।
सोनम वांगचुक का उदाहरण: दिपके ने सवाल उठाया कि क्या सरकार जरांगे को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की तरह 26 दिनों तक भूखा रखना चाहती है? उन्होंने कहा कि नेताओं के पास मशहूर हस्तियों से मिलने का समय है, लेकिन अपनी जान जोखिम में डाल रहे कार्यकर्ताओं से बात करने की फुर्सत नहीं है।
छात्रों के मुद्दों पर ध्यान: दिपके ने MPSC की तैयारी कर रहे छात्र प्रथमेश देशमुख की आत्महत्या का जिक्र करते हुए कहा कि मनोज जरांगे केवल आरक्षण ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य, बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसरों के लिए लड़ रहे हैं।
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मनोज जरांगे का मुंबई मार्च और रणनीति
भूख हड़ताल के 14वें दिन मीडिया से बात करते हुए मनोज जरांगे ने अपने समर्थकों और मराठा समुदाय से एकजुटता दिखाने की अपील की:
प्रत्यक्ष भागीदारी की अपील: जरांगे ने समर्थकों से कहा कि वे केवल सोशल मीडिया या टीवी पर आंदोलन न देखें, बल्कि बैठकों में शामिल होकर समुदाय की ताकत दिखाएं।
संसाधन और फंड जुटाना: किसानों और आम लोगों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए जरांगे ने अपील की कि मार्च में हिस्सा लेने वालों के भोजन और आने-जाने के खर्च के लिए स्थानीय स्तर पर मिलकर फंड जुटाया जाए।
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महिलाओं की सहभागिता: उन्होंने बताया कि समुदाय की महिलाएं भी इस आंदोलन और मार्च में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं। आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए उनकी सहभागिता का समन्वय किया जा रहा है।
कानूनी प्रक्रिया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन: जरांगे ने स्पष्ट किया कि मुंबई में विरोध प्रदर्शन के लिए औपचारिक अनुमति मांगी गई है। यदि रास्ते में या मुंबई में प्रदर्शनकारियों को रोका जाता है, तो सभी संबंधित तालुकों में शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा।
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ऐतिहासिक गज़ट और कुनबी प्रमाण पत्र की मांग
मनोज जरांगे मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के तहत आरक्षण देने की मांग पर अड़े हैं। उनकी मुख्य मांगों में हैदराबाद और सतारा गज़ट रिकॉर्ड को लागू करना तथा योग्य समुदाय के सदस्यों को कुनबी (OBC) जाति प्रमाण पत्र जारी करना शामिल है। जरांगे ने कहा कि ऐतिहासिक दस्तावेज और रिकॉर्ड सरकार को यह निर्णय लेने के लिए पर्याप्त आधार प्रदान करते हैं।
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