“पुणे मिलावटी पनीर ज़ब्त” गणेशोत्सव से पहले पुणे FDA का बड़ा एक्शन:
पुणे मिलावटी पनीर ज़ब्त आगामी गणेशोत्सव के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पुणे शहर में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है।
शुक्रवार तड़के चलाए गए एक विशेष जांच अभियान के दौरान अधिकारियों ने शहर के बुधवार पेठ और शुक्रवार पेठ इलाकों से लगभग 17,100 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी पनीर (Paneer) और नकली खोया/खावा (Khoya) ज़ब्त किया।
ज़ब्त किए गए इस स्टॉक का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 38 लाख रुपये बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि यह संदिग्ध खेप कर्नाटक और महाराष्ट्र के बार्शी जिले से पुणे के थोक बाजार में सप्लाई की गई थी।
तड़के छापेमारी और सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़
खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत 12 से 13 FDA अधिकारियों की टीम ने सुबह करीब 6:30 बजे शहर के होलसेल फूड मार्केट में धावा बोला।
बड़ी बरामदगी: कार्रवाई में कर्नाटक से लाया गया लगभग 12,500 किलोग्राम संदिग्ध पनीर और बार्शी से पहुंचा 4,600 किलोग्राम नकली खोया ज़ब्त किया गया।
समय रहते कार्रवाई: यह खेप स्थानीय डेयरियों, मिठाइयों की दुकानों और रिटेल विक्रेताओं तक पहुंचने ही वाली थी, उससे पहले ही अधिकारियों ने इसे हिरासत में ले लिया।
नमूने लैब भेजे गए: जॉइंट कमिश्नर दिगंबर भोगावड़े ने पुष्टि की कि ज़ब्त स्टॉक से खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत सैंपल लेकर जांच के लिए सरकारी प्रयोगशालाओं में भेज दिए गए हैं। लैब रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
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त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग और कर्नाटक कनेक्शन
पुणे में गणेशोत्सव के दौरान मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की मांग में भारी उछाल आता है। स्थानीय डेयरी कारोबारियों के अनुसार, पुणे शहर में प्रतिदिन कर्नाटक (विशेषकर बागलकोट क्षेत्र) से लगभग 20 से 25 टन पनीर की आपूर्ति होती है।
यह सप्लाई नेटवर्क पिछले कई दशकों से सक्रिय है। हालांकि, हाल के दिनों में FDA की सख्त निगरानी और छापेमारी के चलते इस आपूर्ति में 40 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।
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एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध और सख्त कानूनी प्रावधान
हाल ही में महाराष्ट्र सरकार और FDA ने राज्य भर में ‘एनालॉग’ या नॉन-डेयरी पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
एनालॉग पनीर असली दूध के फैट की जगह वनस्पति तेल (Palm Oil), स्टार्च और सिंथेटिक रसायनों (जैसे GMS पाउडर) से तैयार किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। FSSAI के नियमों के अनुसार असली पनीर केवल शुद्ध दूध से बना होना चाहिए।
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फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत उपभोक्ताओं को गुमराह करके नकली या एनालॉग पनीर बेचने पर 6 महीने तक की जेल और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, असुरक्षित खाद्य पदार्थों के सेवन से गंभीर बीमारी या मृत्यु होने की स्थिति में आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये से अधिक के भारी जुर्माने का कड़ा नियम लागू है।
हालिया छापेमारी की कार्रवाई के दौरान पुणे मिलावटी पनीर ज़ब्त मामले ने स्वास्थ्य अधिकारियों और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
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