NH-48 भीषण टक्कर: चित्रदुर्ग में बस और ट्रक की भिड़ंत के बाद लगी आग,
NH-48 भीषण टक्कर कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर एक ट्रक और प्राइवेट स्लीपर बस के बीच हुई जोरदार भिड़ंत ने कई परिवारों को कभी न भरने वाले जख्म दे दिए हैं। इस भीषण सड़क हादसे में कम से कम दस लोगों की मौत हो गई है।
यह दुर्घटना तब हुई जब बेंगलुरु से शिवमोग्गा जा रही एक स्लीपर बस को विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में तुरंत आग लग गई, जिससे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बचाव अभियान अभी भी जारी है और प्रशासन ने आशंका जताई है कि मरने वालों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।
आधी रात को चीख-पुकार में बदली यात्रियों की नींद
यह खौफनाक मंजर गुरुवार तड़के करीब 2 बजे पेश आया। बेंगलुरु से शिवमोग्गा तक की 300 किलोमीटर से अधिक की रात भर की यात्रा पर निकली इस बस में ड्राइवर और कंडक्टर समेत कुल 32 लोग सवार थे। सीबर्ड कोच द्वारा संचालित इस बस में ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे, जब अचानक मौत ने दस्तक दी।
शुरुआती जांच और चश्मदीदों के अनुसार, एक ट्रक कथित तौर पर डिवाइडर को फांदकर दूसरी तरफ आ गया और सीधे बस से जा टकराया। NH-48 भीषण टक्कर के तुरंत बाद आग की लपटों ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में बस का ढांचा पूरी तरह जलकर खाक नजर आ रहा है, जो हादसे की गंभीरता को बयां करता है।
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डिवाइडर पार कर आए ट्रक ने ली कई मासूमों की जान
हादसे की मुख्य वजह ट्रक ड्राइवर की लापरवाही मानी जा रही है। पुलिस रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना चित्रदुर्ग जिले के गोरलाथू गांव के पास हुई। बेंगलुरु की ओर जा रहा एक कंटेनर ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सेंट्रल डिवाइडर पार कर गया और सामने से आ रही प्राइवेट स्लीपर बस से टकरा गया।
पुलिस का अनुमान है कि शायद ट्रक ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई थी, जिसके कारण वह वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। पूर्वी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) डॉ. बीआर रविकांत गौड़ा ने बताया कि ट्रक सीधे बस के फ्यूल टैंक वाले हिस्से से टकराया, जिससे डीजल लीक हुआ और पूरी बस आग के गोले में तब्दील हो गई। इस हादसे में लॉरी ड्राइवर की भी मौके पर ही मौत हो गई है।
चश्मदीद की जुबानी: मौत के मुंह से बाहर निकलने का संघर्ष
हादसे में बचे एक यात्री आदित्य ने उस भयावह रात की दास्तां बयां करते हुए बताया कि बस रात करीब 11:30 बजे बेंगलुरु से रवाना हुई थी। उन्होंने बताया, “रात 2 बजे तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक एक धमाका हुआ और मैं नीचे गिर गया। मैंने किसी तरह बस का शीशा तोड़ा और बाहर निकलने में कामयाब रहा।
मेरे पीछे कई लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बचाने का मौका ही नहीं मिला।” एक अन्य चश्मदीद सचिन ने बताया कि सीबर्ड बस ने अभी उन्हें ओवरटेक ही किया था कि सामने से आ रहे कंटेनर ने डिवाइडर पार कर हमला बोल दिया। इस NH-48 भीषण टक्कर ने देखते ही देखते हंसते-खेलते सफर को मातम में बदल दिया।
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हताहतों की स्थिति और लापता यात्रियों की तलाश
पुलिस और प्रशासन ने अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जिनमें से 8 शव बस के अंदर से बरामद किए गए हैं। हालांकि, अधिकारियों को डर है कि मरने वालों की संख्या 17 तक पहुंच सकती है क्योंकि 11 यात्री अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
घायल 21 यात्रियों को तत्काल सिरा, तुमकुरु और हिरियूर के जिला अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ यात्रियों की हालत काफी गंभीर बनी हुई है।
एक यात्री, जिसका शरीर 20% तक जल चुका है, उसे बेहतर इलाज के लिए बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में रेफर किया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डीएनए टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि जले हुए शवों की पहचान की जा सके।
स्कूल बस के छात्र बाल-बाल बचे, ड्राइवर बना गवाह
इस भीषण दुर्घटना के समय एक और बड़ा हादसा होते-होते रह गया। IGP रविकांत गौड़ा ने जानकारी दी कि टी दासराहल्ली से दांडेली जा रही एक स्कूल बस भी उसी समय वहां से गुजर रही थी और वह जली हुई बस से टकरा गई। गनीमत रही कि इस बस में सवार सभी 48 छात्र सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है।
स्कूल बस का ड्राइवर इस पूरी घटना का चश्मदीद गवाह है और पुलिस उसका बयान दर्ज कर रही है। हिरियूर ग्रामीण पुलिस स्टेशन के दायरे में आने वाले इस घटनास्थल पर सुबह से ही अफरा-तफरी का माहौल रहा, जिससे हाइवे पर यातायात भी काफी प्रभावित हुआ है।
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तेलंगाना और जम्मू में हुए हालिया हादसों की यादें हुईं ताजा
चित्रदुर्ग का यह हादसा हाल ही में तेलंगाना में हुई एक दर्दनाक घटना की याद दिलाता है, जहां रंगारेड्डी जिले में बस और ट्रक की टक्कर में 20 लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के राजौरी में भी हाल ही में बच्चों से भरी एक पिकनिक बस पलट गई थी और किश्तवाड़ में एक परिवार के चार तीर्थयात्रियों की सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
बार-बार होने वाले ये हादसे हाइवे पर भारी वाहनों की गति सीमा और रात के समय ड्राइवरों की थकान जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। NH-48 भीषण टक्कर ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया
फिलहाल चित्रदुर्ग पुलिस और राहत दल मौके पर डटे हुए हैं। पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता मृतकों की पहचान जल्द से जल्द पूरी कर शवों को उनके परिजनों को सौंपने की है। चूंकि कई शव पूरी तरह जल चुके हैं, इसलिए डीएनए टेस्ट का सहारा लिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय और स्थानीय प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह त्रासदी उन यात्रियों के लिए एक बुरे सपने जैसी रही, जो अपनी मंजिलों की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन रास्ते में ही काल के गाल में समा गए।
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