ओडिशा सामूहिक बलात्कार मामला: गोपालपुर बीच पर हैवानियत, 10 गिरफ्तार
ओडिशा सामूहिक बलात्कार मामला ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। गंजाम जिले के प्रसिद्ध गोपालपुर बीच पर 20 वर्षीय एक कॉलेज छात्रा के साथ रविवार रात को एक बेहद ही जघन्य सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आई है। इस दिल दहला देने वाली वारदात में चार नाबालिगों सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना राजा उत्सव के दौरान हुई, जब छात्रा अपने प्रेमी के साथ समुद्र तट पर घूमने गई थी। आरोपियों ने उसके प्रेमी को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट भी की।
- पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है।
- सभी 10 आरोपियों को दूसरे राज्य भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया।
- यह वारदात एक सुनसान जगह पर हुई थी।
पीड़िता की शिकायत और घटना का विवरण
पीड़िता ने गोपालपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि जब वे बीच पर एक शांत जगह पर बैठे थे, तभी 10 लोगों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने उसके प्रेमी को पकड़ लिया, उसे बांध दिया, और फिर बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
- शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
- यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 70 के तहत दर्ज है।
- यह धारा सामूहिक बलात्कार के अपराध से संबंधित है।
मुख्य बिंदु :
- गोपालपुर बीच पर छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार, 10 आरोपी गिरफ्तार।
- पीड़िता ने पुलिस को बताया कि प्रेमी को बांधकर की गई बारी-बारी से दरिंदगी।
- चार नाबालिग आरोपी, जिन पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने की तैयारी।
- आरोपी दूसरे राज्य भागने की कोशिश में थे, पुलिस ने तत्काल गिरफ्तारी की।
- उपमुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता ने घटना को ‘चौंकाने वाला’ करार दिया।
- कांग्रेस विधायक ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार की निंदा की।
- राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेकर रिपोर्ट और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ के लिए सात लोगों को हिरासत में लिया गया था। बाद में सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी सरवण विवेक एम ने बताया कि तीन लोगों ने बारी-बारी से महिला के साथ बलात्कार किया। जबकि सात अन्य आरोपियों ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की।
- पुलिस ने जांच में तेजी लाने के लिए एक विशेष टीम बनाई है।
- एक पुलिस टीम पहले ही अपराध स्थल का दौरा कर चुकी है।
- आरोपियों को दूसरे राज्य भागने की कोशिश करते समय पकड़ा गया।
नाबालिगों को वयस्क मानने की मांग और मेडिकल जांच
एसपी सरवण विवेक एम ने कहा कि पुलिस अदालत से अनुरोध करेगी कि नाबालिगों को वयस्क के रूप में माना जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि वे एक जघन्य अपराध में शामिल थे। पीड़िता की मेडिकल जांच भी कराई गई है।
- पीड़िता पास के जिले की एक कॉलेज छात्रा है।
- वह बरहामपुर में एक निजी मेस में रह रही थी।
- उसका पुरुष मित्र उसका सहपाठी था।
उपमुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता की प्रतिक्रिया
इस भयानक ओडिशा सामूहिक बलात्कार मामला ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है। दूर-दूर से पर्यटक गंजाम जिले के इस समुद्र तट पर आते हैं। उपमुख्यमंत्री प्रावती परिदा ने एसपी से बात कर गहन जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने इसे “बहुत चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाती है।
- नवीन पटनायक ने इस घटना की कड़ी निंदा की।
- उन्होंने सरकार से महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार रोकने का आग्रह किया।
- पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।
कांग्रेस विधायक की कड़ी निंदा और सरकार पर आरोप
कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने इस घटना को “भयावह” बताया। उन्होंने कहा कि यह हमारे राज्य में कानून और व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने का एक भयानक प्रतिबिंब है। फिरदौस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लोगों की सुरक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने बीजेपी सरकार को सार्वजनिक सुरक्षा में आई गिरावट के लिए जवाबदेह ठहराया।
- सोफिया फिरदौस ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा की मांग की।
- उन्होंने पीड़िता से कहा, “आप अकेली नहीं हैं।”
- कहा, “हम इसे भूलने नहीं देंगे।”
राष्ट्रीय महिला आयोग का स्वतः संज्ञान और त्वरित कार्रवाई की मांग
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने ओडिशा सामूहिक बलात्कार मामला का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस घटना को “चौंकाने वाला” बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने ओडिशा के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा। उन्होंने सभी शेष आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी का निर्देश दिया।
- NCW अध्यक्ष ने मामले की त्वरित और समयबद्ध जांच का आह्वान किया।
- पीड़िता को व्यापक सहायता प्रदान करने की मांग की।
- NCW ने राज्य पुलिस से तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है।
मुआवजे और सहायता का आह्वान
आयोग ने कहा, “पीड़िता को निशुल्क चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए।” उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 396 के तहत मुआवजा सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यह धारा अपराध के पीड़ितों के लिए मुआवजा अनिवार्य करती है।
- धारा 396 पीड़ितों के लिए मुआवजे का प्रावधान करती है।
- एनसीडब्ल्यू ने पीड़िता को हर संभव सहायता देने पर जोर दिया।
- न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।



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