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बिहार कानून व्यवस्था संकट में पटना अस्पताल में चंदन मिश्रा की हत्या

बिहार कानून व्यवस्था संकट

पैरोल पर छूटे हत्या के दोषी चंदन मिश्रा की दिनदहाड़े हत्या ने बिहार कानून व्यवस्था संकट को उजागर कर दिया है। राजधानी पटना के पारस अस्पताल में घुसकर पांच हथियारबंद बदमाशों ने ICU में भर्ती मिश्रा को गोलियों से भून डाला। यह घटना न सिर्फ पुलिस तंत्र की विफलता दर्शाती है बल्कि पूरे राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद होने की पुष्टि करती है।

मुख्य बिंदु

▪️ चंदन मिश्रा की ICU में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या
▪️ तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला
▪️ डीजीपी ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए
▪️ पप्पू यादव ने राष्ट्रपति शासन की माँग की
▪️ मनोज झा बोले – बिहार राष्ट्रीय चिंता का विषय
▪️ एक ही दिन में पटना में दो हत्याएं
▪️ विपक्ष ने कानून व्यवस्था विफल होने का आरोप लगाया

डीजीपी बोले – यह घटना बेहद चिंता का विषय

बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने इस गोलीबारी को “दुर्भाग्यपूर्ण और बेहद चिंता जनक” बताया। उन्होंने कहा:

“पारस अस्पताल जैसे उच्च सुरक्षा वाले संस्थान में घुसकर अपराधियों द्वारा हत्या करना न केवल अस्पताल प्रशासन, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र के लिए चिंता का विषय है।”

डीजीपी ने अस्पताल की सुरक्षा की समग्र समीक्षा और जाँच का आदेश दिया है।

राजनीतिक गलियारों में बवाल, तेजस्वी ने साधा निशाना

राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला करते हुए पूछा:

“क्या बिहार में कोई सुरक्षित है? क्या 2005 से पहले हमारे शासन में ऐसी घटनाएँ होती थीं?”

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार समर्थित अपराधी अब ICU में घुसकर हत्या कर रहे हैं।

मनोज झा और पप्पू यादव की तीखी प्रतिक्रिया

राजद सांसद मनोज झा ने कहा:

“बिहार अब राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुका है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।”

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राष्ट्रपति शासन लगाने की माँग करते हुए कहा:

“बिहार में अब प्रशासनिक ढाँचा पूरी तरह ढह चुका है। अपराधी बेखौफ हैं और कोई सुरक्षित नहीं।”

घटना का घटनाक्रम और पुलिस की जाँच

  • चंदन मिश्रा को 2024 में हत्या के आरोप में जेल भेजा गया था।
  • इलाज के लिए पैरोल पर छूटकर पारस अस्पताल में भर्ती था।
  • 5 अज्ञात हमलावर सुबह 7:30 बजे ICU में घुसे और उसे कई गोलियाँ मारीं।
  • सभी हमलावर फरार हो गए।
  • आईजी जितेंद्र राणा ने कहा: अस्पताल के सुरक्षा गार्डों की भूमिका भी जाँच के दायरे में है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच की दिशा

पटना की एसपी दीक्षा और एसपी पश्चिम भानु प्रताप सिंह ने कहा:

  • हत्या का कारण पुरानी गैंगवार हो सकता है।
  • गार्ड्स, स्टाफ और चंदन से मिलने वालों की सूची की भी जाँच की जा रही है।
  • हमलावरों की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।

एक दिन में दूसरी हत्या से हड़कंप

इसी दिन पटना के शाहपुर इलाके में शुभम उर्फ बंटी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। यह वारदात चंदन मिश्रा हत्याकांड के कुछ घंटों बाद हुई।

“राजधानी में एक ही दिन में दो हत्याएं कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।” – शक्ति सिंह यादव (राजद प्रवक्ता)

विपक्ष ने नीतीश कुमार सरकार को घेरा

राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा:

“बिहार में ‘गुंडा राज’ लौट आया है। मुख्यमंत्री मूकदर्शक बन गए हैं।”

पप्पू यादव ने सीबीआई जाँच की माँग करते हुए आरोप लगाया कि:

“पुलिस जातिगत पूर्वाग्रह के आधार पर काम कर रही है। माफियाओं को खुली छूट मिली है।”

सरकार की प्रतिक्रिया – जाँच का आश्वासन

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा:

“यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। पूरी जाँच होगी और दोषियों को सज़ा मिलेगी।”

ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा:

“यह निजी अस्पताल है, निजी सुरक्षा थी। देखना होगा कि चूक कहाँ हुई।”

नीतीश सरकार पर सवालों की बौछार

चंदन मिश्रा हत्याकांड ने एक बार फिर से बिहार कानून व्यवस्था संकट को उजागर कर दिया है। अपराधियों की बेखौफ गोलीबारी, ICU में हत्याएं और राजनीतिक प्रतिक्रिया यह दर्शाते हैं कि बिहार इस समय गंभीर सुरक्षा संकट के दौर से गुजर रहा है।

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