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“कांग्रेस पर FIR: पीएम मोदी की मां के AI वीडियो से छेड़छाड़”

AI वीडियो से छेड़छाड़

AI से छेड़छाड़ दिल्ली में राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां हीराबेन मोदी से जुड़े एक एआई-जनरेटेड वीडियो को लेकर कांग्रेस पार्टी के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई भाजपा दिल्ली चुनाव प्रकोष्ठ के संयोजक संकेत गुप्ता की शिकायत के बाद की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह वीडियो प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां की छवि को धूमिल करता है, जो “कानून, नैतिकता और महिलाओं की गरिमा का घोर उल्लंघन” है। इस घटना ने एक बार फिर AI से छेड़छाड़ के खतरों को उजागर किया है, जो राजनीतिक प्रतिशोध का एक नया हथियार बन रहा है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद बिहार कांग्रेस द्वारा अपने आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल पर 10 सितंबर को साझा किए गए एक एआई-जनरेटेड वीडियो से शुरू हुआ। इस 36 सेकंड की क्लिप को “एआई-जनरेटेड” के रूप में चिह्नित किया गया था। वीडियो में एक स्वप्न-दृश्य दिखाया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति अपनी दिवंगत मां के हमशक्ल से बात करता हुआ दिखाई देता है।

वीडियो का कैप्शन हिंदी में था, “साहब के सपनों में आई मां, देखिए रोचक संवाद।” यह वीडियो बिहार में आगामी चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस की ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के कुछ दिनों बाद आया, जहां राहुल गांधी की रैली के दौरान पीएम मोदी की मां के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे।

भाजपा ने जताई कड़ी आपत्ति, बताया “घृणित”

वीडियो साझा होने के तुरंत बाद, भाजपा और उसके सहयोगियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा ने इस पोस्ट को “घृणित” बताया और कहा कि यह न केवल प्रधानमंत्री मोदी की मां, बल्कि देश की सभी माताओं और बहनों का अपमान है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीतिक शालीनता की सारी हदें पार कर दी हैं।

भाजपा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “पहले तो अपमानजनक नारे लगाए गए। अब उनका अपमान करने के लिए एक वीडियो बनाया गया है। कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए कि वह कितना नीचे गिरने को तैयार है।”

भाजपा ने इस पोस्ट के पीछे के लोगों से माफी मांगने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, इसे राजनीतिक लाभ के लिए जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास बताया।

कांग्रेस ने किया बचाव, कहा कोई अपमान नहीं

दूसरी ओर, कांग्रेस ने वीडियो का बचाव करते हुए कहा कि इसमें प्रधानमंत्री या उनकी मां के प्रति कोई अनादर नहीं है। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, “उनकी आपत्ति क्या है? सिर्फ इसलिए कि एक मां अपने बेटे को कुछ सही करने की शिक्षा दे रही है, इसमें अपमान कहां है? यह न तो उस मां का अपमान है, जिसका हम बहुत सम्मान करते हैं, और न ही बेटे का।”

हालांकि, इस तरह के AI से छेड़छाड़ वाले कंटेंट का इस्तेमाल राजनीतिक बहस को एक निचले स्तर पर ले जा रहा है, जहां व्यक्तिगत हमले और मानहानि आम हो गए हैं।

दर्ज की गई धाराएं और कानूनी निहितार्थ

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता संकेत गुप्ता ने यह एफआईआर नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। एफआईआर में कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस आईटी सेल को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मामले में दर्ज की गई प्रमुख धाराएं इस प्रकार हैं:

  • धारा 18(2) बीएनएस: धोखाधड़ी।
  • धारा 336(3) बीएनएस: धोखा देने के इरादे से जालसाजी। इसके लिए सात साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।
  • धारा 336(4) बीएनएस: किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से जालसाजी करने पर तीन साल तक की कैद और जुर्माना।
  • धारा 340(2) बीएनएस: जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली जैसा इस्तेमाल करने पर सजा।
  • धारा 352 बीएनएस: शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना। इसकी सजा दो साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों है।
  • धारा 356(2) बीएनएस: मानहानि के लिए सजा, जिसमें दो साल तक की साधारण कैद, जुर्माना या सामुदायिक सेवा शामिल है।
  • धारा 61(2) बीएनएस: आपराधिक षड्यंत्र।

इन धाराओं को देखकर यह स्पष्ट है कि इस मामले में AI से छेड़छाड़ को एक गंभीर अपराध माना गया है, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और आपराधिक षड्यंत्र जैसे आरोप शामिल हैं।

यह घटना दिखाती है कि कैसे डीपफेक और एआई-जनरेटेड सामग्री का दुरुपयोग राजनीति में एक गंभीर चुनौती बन रहा है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी अब ऐसी तकनीकों का सहारा ले रहे हैं, जिससे न केवल व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुंच रही है, बल्कि समाज में भी वैमनस्य बढ़ रहा है।

सरकार और कानूनी एजेंसियों के लिए यह एक बड़ा सवाल है कि इस तरह के डिजिटल दुरुपयोग को कैसे नियंत्रित किया जाए। फिलहाल, दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और यह देखना बाकी है कि इस AI से छेड़छाड़ के मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

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