Loading Now

राजा रघुवंशी हत्याकांड: पत्नी सोनम पर गुमराह करने का आरोप, हिरासत बढ़ी

राजा रघुवंशी हत्याकांड

राजा रघुवंशी हत्याकांड में नित नए खुलासे हो रहे हैं। यह एक ऐसा मामला है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मृतक राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने अपनी भाभी सोनम रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सोनम पुलिस को गुमराह कर रही है। विपिन ने सोनम की रिमांड आठ दिन और बढ़ाने की मांग की है। मेघालय पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) मामले की गहनता से जांच कर रही है। टीम ने हाल ही में इंदौर में विपिन रघुवंशी के आवास का दौरा किया। वहां उन्होंने सोनम से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल पूछे।

  • शुरुआत में विपिन को सोनम पर कोई शक नहीं था।
  • सोनम के माता-पिता ने बताया था कि वह ग्राहकों से बात कर रही थी।

मुख्य बिंदु :

  1. सोनम पर हत्या साज़िश का शक गहरा हुआ, भाई विपिन ने पुलिस को चेताया।
  2. SIT टीम ने इंदौर में विपिन रघुवंशी से पूछताछ कर सबूत इकट्ठा किए।
  3. अपराध स्थल पर सोनम सहित चार आरोपी मौजूद थे, पुनर्निर्माण से जुड़ा अहम खुलासा।
  4. SP विवेक सिम के मुताबिक, राजा को धारदार हथियार से मारा गया था।
  5. सोनम और राज के बीच गहरी बातचीत, ट्रूकॉलर पर ‘संजय वर्मा’ फर्जी नाम का खुलासा।
  6. हत्या की पूरी साजिश इंदौर में शादी से पहले रची गई थी, राज और सोनम मास्टरमाइंड।
  7. जांच जारी, जंग लगे हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

अपराध स्थल का पुनर्निर्माण: अहम सबूत

मेघालय पुलिस की SIT ने जांच के क्रम में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को टीम ने आरोपी सोनम रघुवंशी और तीन अन्य संदिग्धों की उपस्थिति में अपराध स्थल का पुनर्निर्माण किया। यह घटना सोहरा (चेरापूंजी) में हुई थी।

हत्या का तरीका: SP विवेक सिम का खुलासा

SP विवेक सिम ने इस दौरान कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि :

  • राजा का मोबाइल फोन पहले सोनम ने तोड़ा था।
  • बाद में विशाल ने भी उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।
  • पीड़ित राजा को एक हथियार से मारा गया था।
  • पहला वार विशाल उर्फ विक्की ने किया था।
  • राजा को चोट लगने और खून निकलने के बाद सोनम मौके से भाग गई थी।
  • तीनों आरोपियों ने मिलकर शव को खाई में फेंक दिया था।

गिरफ्तारियां और न्यायिक कार्यवाही की स्थिति

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय पुलिस ने अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी भी शामिल हैं। अन्य चार आरोपियों में आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान, राज सिंह कुशवाह और आनंद शामिल हैं। राजा का शव 2 जून को सोहरा (चेरापूंजी) के पास एक खड्ड से मिला था। सोनम बाद में वाराणसी-गाजीपुर राजमार्ग किनारे एक ढाबे के पास मिली थी। शिलांग जिला सत्र न्यायालय ने इस मामले में अहम फैसला सुनाया है। गुरुवार को सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।

  • बाकी तीन आरोपी आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
  • अधिवक्ता तुषार चंदा ने इसकी पुष्टि की है।

हत्या का हथियार और मोबाइल फोन का रहस्य

पूर्वी खासी हिल्स के एसपी विवेक सिम ने पत्रकारों से बातचीत में कई और बातें बताईं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दो दिन की रिमांड मांगी थी क्योंकि टीम अभी भी इंदौर में है। आगे की जांच के लिए और इनपुट की जरूरत है। एसपी ने हत्या के हथियार के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हत्या का हथियार जंग लगा हुआ है। इसे केंद्रीय फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है।

  • मकसद यह पता लगाना है कि उस पर कोई खून का धब्बा है या नहीं।
  • पुलिस 90 दिनों से पहले ही चार्जशीट बनाने का प्रयास करेगी।
  • सोनम के पास तीन फोन थे, जिनमें से दो उसने नष्ट कर दिए थे।
  • तीसरे फोन की तलाश जारी है।

संजय वर्मा’ और राज कुशवाह का संबंध

SP ने बताया कि “संजय वर्मा” ट्रूकॉलर में दर्ज एक काल्पनिक नाम है। उस सिम नंबर का असली मालिक राज कुशवाह है। राज और सोनम के बीच कॉल की आवृत्ति बहुत अधिक थी।

साजिश का पर्दाफाश और हत्या की योजना का खुलासा

SP सिम ने बताया कि SIT टीम और मध्य प्रदेश पुलिस ने एर्टिगा के चालक की पहचान कर ली है। सोनम को बलिया जाना था। बलिया से एक और टैक्सी की व्यवस्था की गई थी। टैक्सी चालक का नाम प्रमोद साहा उर्फ पीयूष है जो सोनम को लेने आया था। बलिया से वह गाजीपुर पहुंची थी।

राजा रघुवंशी हत्याकांड: साजिश का जाल और चौंकाने वाले खुलासे

राजा रघुवंशी हत्याकांड में नित नए खुलासे हो रहे हैं। यह एक ऐसा मामला है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मृतक राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने अपनी भाभी सोनम रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सोनम पुलिस को गुमराह कर रही है। विपिन ने सोनम की रिमांड आठ दिन और बढ़ाने की मांग की है।

विपिन रघुवंशी के आरोप और SIT जांच

मेघालय पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) मामले की गहनता से जांच कर रही है। टीम ने हाल ही में इंदौर में विपिन रघुवंशी के आवास का दौरा किया। वहां उन्होंने सोनम से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल पूछे। शुरुआत में विपिन को सोनम पर कोई शक नहीं था क्योंकि सोनम के माता-पिता ने बताया था कि वह ग्राहकों से बात कर रही थी।

अपराध स्थल का पुनर्निर्माण: अहम सबूत

मेघालय पुलिस की SIT ने जांच के क्रम में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को टीम ने आरोपी सोनम रघुवंशी और तीन अन्य संदिग्धों की उपस्थिति में अपराध स्थल का पुनर्निर्माण किया। यह घटना सोहरा (चेरापूंजी) में हुई थी।

हत्या का तरीका: एसपी विवेक सिम का खुलासा

एसपी विवेक सिम ने इस दौरान कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि राजा का मोबाइल फोन पहले सोनम ने तोड़ा था, और बाद में विशाल ने भी उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़ित राजा को एक हथियार से मारा गया था, जिसका पहला वार विशाल उर्फ विक्की ने किया था। राजा को चोट लगने और खून निकलने के बाद सोनम मौके से भाग गई थी और तीनों आरोपियों ने मिलकर शव को खाई में फेंक दिया था।

गिरफ्तारियां और न्यायिक कार्यवाही की स्थिति

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय पुलिस ने अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी भी शामिल हैं। अन्य चार आरोपियों में आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान, राज सिंह कुशवाह और आनंद शामिल हैं। राजा का शव 2 जून को सोहरा (चेरापूंजी) के पास एक खड्ड से मिला था। सोनम बाद में वाराणसी-गाजीपुर राजमार्ग किनारे एक ढाबे के पास मिली थी। शिलांग जिला सत्र न्यायालय ने इस मामले में अहम फैसला सुनाया है। गुरुवार को सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया, जबकि बाकी तीन आरोपी आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अधिवक्ता तुषार चंदा ने इसकी पुष्टि की है।

हत्या का हथियार और मोबाइल फोन का रहस्य

पूर्वी खासी हिल्स के SP विवेक सिम ने पत्रकारों से बातचीत में कई और बातें बताईं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दो दिन की रिमांड मांगी थी क्योंकि टीम अभी भी इंदौर में है और आगे की जांच के लिए और इनपुट की जरूरत है। उन्होंने बताया कि हत्या का हथियार जंग लगा हुआ है, जिसे केंद्रीय फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है ताकि उस पर कोई खून का धब्बा है या नहीं, यह पता लगाया जा सके। पुलिस 90 दिनों से पहले ही चार्जशीट बनाने का प्रयास करेगी। SP ने यह भी बताया कि सोनम के पास तीन फोन थे, जिनमें से दो उसने नष्ट कर दिए थे और तीसरे फोन की तलाश जारी है। SP ने बताया कि “संजय वर्मा” ट्रूकॉलर में दर्ज एक काल्पनिक नाम है और उस सिम नंबर का असली मालिक राज कुशवाह है। राज और सोनम के बीच कॉल की आवृत्ति बहुत अधिक थी।

साजिश का पर्दाफाश और सोनम का ठिकाना

SP सिम ने बताया कि SIT टीम और मध्य प्रदेश पुलिस ने एर्टिगा के चालक की पहचान कर ली है। सोनम को बलिया जाना था, और वहां से एक और टैक्सी की व्यवस्था की गई थी। टैक्सी चालक का नाम प्रमोद साहा उर्फ पीयूष है जो सोनम को लेने आया था, और वह बलिया से गाजीपुर पहुंची थी।

हत्या की योजना और घटनाओं का क्रम

पुलिस के अनुसार, राजा रघुवंशी हत्याकांड की पूरी साजिश इंदौर में रची गई थी। यह योजना राजा की शादी से ठीक पहले, फरवरी में बनाई गई थी। इस साजिश का मास्टरमाइंड राज था, और मृतक की पत्नी सोनम ने भी इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया था। राजा और सोनम 20 मई को गुवाहाटी में कामाख्या मंदिर गए थे, जबकि तीनों हत्यारे उनसे एक दिन पहले, यानी 19 मई को ही शहर पहुंच गए थे। गुवाहाटी में राजा को मारने की उनकी योजना सफल नहीं हो पाई, जिसके बाद उन्होंने शिलांग और फिर सोहरा जाने की योजना बनाई।

  • वे नोंग्रियाट (सोहरा के पास) में मिले
  • वहां से वे वेइसाडोंग फॉल्स की ओर बढ़े
  • फॉल्स के पार्किंग स्थल में 23 मई को तीनों हमलावरों ने राजा की हत्या कर दी।
  • सोनम उस समय घटनास्थल पर मौजूद थी। शुरुआत में पुलिस को यह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग लगी थी
  • जबकि हत्या राज को फायदा पहुंचाने के लिए राजा को मारा था।

Spread the love

Post Comment

You May Have Missed