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राउरकेला विमान दुर्घटना: तकनीकी खराबी के बाद विमान क्रैश, सभी सुरक्षित

राउरकेला विमान दुर्घटना

राउरकेला विमान दुर्घटना ओडिशा के स्टील सिटी राउरकेला से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ शनिवार 10 जनवरी को एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते रह गया। राउरकेला एयरस्ट्रिप के पास एक नौ-सीटर प्राइवेट विमान क्रैश हो गया, जिसमें कम से कम छह लोग घायल हो गए।

भुवनेश्वर और राउरकेला के बीच नियमित उड़ान भरने वाली इंडिया वन एयरलाइंस की इस फ्लाइट में उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद कथित तौर पर गंभीर तकनीकी दिक्कतें आईं, जिसके बाद विमान एयरस्ट्रिप से महज 10 किलोमीटर दूर जाल्दा में क्रैश लैंड हो गया।

हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस राउरकेला विमान दुर्घटना में सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित बच गए हैं और उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल किसी भी व्यक्ति की मृत्यु की खबर नहीं है।

उड़ान भरने के तुरंत बाद तकनीकी खराबी और इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला

यह पूरी घटना जगदा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले जाल्दा इलाके में हुई। जानकारी के अनुसार, इंडिया वन एयरलाइंस का यह विमान भुवनेश्वर के लिए रवाना होने वाला था और इसने राउरकेला से ही उड़ान भरी थी। चश्मदीदों और रिपोर्टों के मुताबिक, हवा में जाते ही विमान में कुछ गड़बड़ी महसूस की गई।

क्रैश का सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों में दावा किया गया है कि तकनीकी खराबी की वजह से विमान को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया था।

ओडिशा के वाणिज्य और परिवहन मंत्री बी.बी. जेना ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राउरकेला से भुवनेश्वर जा रही छह यात्रियों वाली एक A-1 नौ-सीटर प्राइवेट फ्लाइट दुर्घटनाग्रस्त हुई है। यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी स्थिति स्थिर है।

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विमान में सवार यात्री और क्रू सदस्यों का विवरण

बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निदेशक, प्रसन्ना प्रधान ने हादसे की जानकारी साझा करते हुए बताया कि फ्लाइट संख्या C-208 (सेसना 208 ग्रैंड कारवां EX) भुवनेश्वर से राउरकेला के मार्ग पर थी। यह विमान राउरकेला पहुंचने से ठीक 10 किमी पहले ही दुर्घटना का शिकार हो गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विमान में कुल 4 यात्री और 2 क्रू सदस्य सवार थे।

राउरकेला विमान दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर मौके पर भेजा गया। यात्रियों को खरोंचें और कुछ फ्रैक्चर जैसी चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें तुरंत एम्बुलेंस के जरिए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

पायलट कैप्टन नवीन और कैप्टन श्रीवास्तव की सूझबूझ से बची जान

इस भीषण हादसे में एक बड़ा चमत्कार यह रहा कि पायलटों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को बचा लिया। जब विमान में तकनीकी खराबी आई, तो पायलट कैप्टन नवीन और कैप्टन श्रीवास्तव ने स्थिति को बखूबी संभाला।

सिस्टम में खराबी देखने के बाद पायलटों ने समझदारी से ‘मेडे’ (Mayday) कॉल किया और विमान को किसी घनी आबादी वाले इलाके के बजाय जाल्दा के पास एक सुनसान और सुरक्षित खेत में ‘बेली लैंड’ कराने का फैसला किया।

इंडिया वन एयर के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पायलटों का निर्णय अत्यंत पेशेवर था, जिससे एक भीषण तबाही टल गई। हालांकि, इस साहसी प्रयास में दोनों पायलट भी घायल हुए हैं।

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स्थानीय ग्रामीणों और अग्निशमन सेवा का त्वरित बचाव अभियान

दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मदद के लिए आगे आए। रघुनाथपल्ली इलाके के पास खेत में विमान गिरते ही लोग वहां जमा हो गए और सरकारी मदद पहुंचने से पहले ही यात्रियों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

सूचना मिलते ही राउरकेला की अग्निशमन सेवाओं ने मौके पर पहुंचकर फोम का छिड़काव किया ताकि ईंधन रिसाव के कारण विमान में आग न लग सके।

पुलिस अधीक्षक (SP) के नेतृत्व में इलाके को एहतियात के तौर पर सील कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, बचाव टीमों ने सभी को अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने की समीक्षा और सहायता की घोषणा

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से सभी सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को राज्य की ओर से सर्वोत्तम चिकित्सा सेवा प्रदान की जाए।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार घायलों के उपचार पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रही है। साथ ही, यह भी उल्लेख किया गया कि राज्य में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए हाल ही में 428 नई एम्बुलेंस लॉन्च की गई हैं, ताकि ऐसी परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।

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DGCA और AAIB ने दिए विस्तृत जांच के आदेश

राउरकेला विमान दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के माध्यम से जांच के आदेश दिए हैं। सेसना 208 ग्रैंड कारवां EX, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-KSS है, एक क्षेत्रीय रूट पर संचालित हो रहा था।

जांच टीम यह पता लगाएगी कि क्या यह इंजन फेल होने का मामला था या कोई अन्य मैकेनिकल खराबी थी। अधिकारियों ने बताया कि मलबे को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है। ओडिशा के नागरिक उड्डयन निदेशालय और वाणिज्य विभाग भी लगातार अस्पताल और रेगुलेटरी अधिकारियों के संपर्क में हैं।

अस्पताल में घायलों की स्थिति और एयरलाइन का आधिकारिक रुख

हादसे में घायल सभी छह लोगों को राउरकेला के जेपी अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, पांच मरीजों की हालत पूरी तरह स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं, जबकि एक मरीज पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

इंडिया वन एयर ने अपने बयान में दोहराया है कि वे यात्रियों और क्रू को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एयरलाइन ने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। राउरकेला विमान दुर्घटना के बाद क्षेत्रीय विमान सेवाओं की सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी चर्चा तेज हो गई है, ताकि भविष्य में ऐसी तकनीकी खामियों को समय रहते रोका जा सके।

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