Loading Now

सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार: 1995 के जमीन विवाद में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार कर लिए गए हैं; शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने उनके मंदिरी स्थित आवास से उन्हें 1995 के एक पुराने मामले के सिलसिले में हिरासत में लिया। पटना एसपी सिटी भानु प्रताप सिंह ने पुष्टि की कि यह मामला पुराने भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत दर्ज था, जिसे अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) से बदल दिया गया है। गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन से जुड़े इस मामले में धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120B शामिल हैं।

एसपी सिटी ने पत्रकारों को बताया कि ट्रायल चल रहा था और सांसद को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वह तय तारीख पर पेश नहीं हुए, जिसके बाद वारंट के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें मेडिकल सप्लाई दी गई है और उनके केयरटेकर उनके साथ हैं।

31 साल पुराना जालसाजी का मामला सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार और हाई-वोल्टेज ड्रामा

यह गिरफ्तारी यादव के घर पर एक तनावपूर्ण गतिरोध के बाद हुई, जब पुलिस टीम MP/MLA कोर्ट द्वारा जारी वारंट को तामील कराने पहुंची। राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुरू में पुलिस के साथ जाने से इनकार कर दिया और तर्क दिया कि उनके पास जो दस्तावेज था, वह संपत्ति कुर्क करने के लिए था, न कि गिरफ्तारी के लिए।

पुलिस टीम उनके नई दिल्ली से लौटने के ठीक एक घंटे बाद पहुंची थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) के तहत दर्ज इस मामले में कोर्ट ने वारंट जारी किया था। जैसे ही पुलिस कार्रवाई की खबर फैली, बड़ी संख्या में समर्थक जमा हो गए और पुलिसकर्मियों से उनकी तीखी बहस हुई।

इसे भी पढ़े :- ममता बनर्जी की अपील: सुप्रीम कोर्ट में ‘लोकतंत्र बचाने’ की ऐतिहासिक गुहार

राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप और सरकार पर तीखा हमला

अपनी गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव ने इसे राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, “जब भी मेरे कामों से राज्य सरकार की कमियां सामने आती हैं, मेरे साथ ऐसा ही होता है।” यादव ने आरोप लगाया कि वह NEET की तैयारी करने वाली एक छात्रा की संदिग्ध मौत और हॉस्टल में लड़कियों की असुरक्षा जैसे मुद्दों को उठा रहे थे, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया।

उन्होंने दावा किया कि उन्हें लड़कियों के फोन आ रहे थे कि उन्हें देह व्यापार में धकेला जा रहा है। यादव ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को इस रैकेट के खिलाफ कार्रवाई की चुनौती दी और संसद में पीएम मोदी की अनुपस्थिति पर भी निशाना साधा।

राहुल और प्रियंका गांधी ने एनडीए सरकार को घेरा

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली तक सियासत गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार किए गए क्योंकि वह न्याय की आवाज उठा रहे थे। उन्होंने इसे “बीजेपी-एनडीए का पुराना मॉडल” बताया—मामले को भटकाओ और अपराधियों को बचाओ।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इसे असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा बताते हुए हाथरस और उन्नाव जैसे मामलों से इसकी तुलना की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पटना के हॉस्टल में छात्रा के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में सिस्टम की मिलीभगत को छिपाने के लिए यादव को चुप कराया जा रहा है।

इसे भी पढ़े :- मुड्डादा रविचंद्र TTD EO नियुक्त, लड्डू मिलावट की होगी जांच

बिगड़ती सेहत और न्यायिक हिरासत में अस्पताल में भर्ती

शनिवार को कोर्ट में पेशी के बाद पप्पू यादव को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। हालांकि, उनके वकील शिवनंदन भारती ने बताया कि बिगड़ती सेहत के कारण उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में भर्ती कराया गया है। उनके सिर में चोट लगी है और पल्स रेट बहुत ज्यादा है।

PMCH के सुपरिटेंडेंट डॉ. राजीव कुमार सिंह ने पुष्टि की कि उनका अल्ट्रासाउंड और मेडिकल चेकअप चल रहा है। यादव को स्ट्रेचर पर IGIMS से PMCH शिफ्ट किया गया। कोर्ट ने उनकी खराब सेहत को देखते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में इलाज की अनुमति दी है।

‘मेरी जान को खतरा है’: गिरफ्तारी के दौरान डर का माहौल

गिरफ्तारी के समय पप्पू यादव काफी डरे हुए दिखे। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मुझे शक है कि ये लोग मुझे मार सकते थे।” उन्होंने पुलिस के सिविल कपड़ों में आने पर सवाल उठाया और कहा कि उन्हें लगा कि वे अपराधी हैं जो उनकी हत्या करने आए हैं।

यादव ने पुलिस स्टेशन जाने के बजाय सीधे कोर्ट जाने या हाउस अरेस्ट की मांग की थी। उन्होंने कहा कि 35 साल पुराने मामले में इस तरह आधी रात को जबरन उठाना साजिश का हिस्सा है। समर्थकों का आरोप है कि सादे कपड़ों में आए इंस्पेक्टर ने बिना सही जानकारी दिए उन्हें हिरासत में लिया।

इसे भी पढ़े :- ऋतु तावड़े बनीं मुंबई की पहली बीजेपी मेयर, संजय घाडी होंगे डिप्टी मेयर

जमीन विवाद और धोखाधड़ी का असल मामला क्या है?

यह पूरा मामला लगभग 31 साल पहले का है जब विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि पप्पू यादव और उनके साथियों ने धोखाधड़ी से एक घर पर कब्जा कर लिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, यादव उस घर में किराएदार के रूप में आए थे, लेकिन बाद में उन्होंने उसे अपने ऑफिस के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

हाल ही में MP-MLA स्पेशल कोर्ट ने पप्पू यादव सहित तीन आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था। समन के बावजूद बार-बार अनुपस्थित रहने के कारण उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ, जिससे उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हुआ।

सोमवार को जमानत पर सुनवाई और समर्थकों का आक्रोश

सांसद की जमानत याचिका पर अब सोमवार, 9 फरवरी को सुनवाई होनी है। उनके वकील ने नई FIR दर्ज किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं और पुलिस की मंशा को संदिग्ध बताया है। इस बीच, पप्पू यादव के समर्थकों में जबरदस्त गुस्सा है। पटना, पूर्णिया और आरा जैसे इलाकों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

समर्थकों का दावा है कि ‘बिहार के रॉबिन हुड’ कहे जाने वाले यादव की आवाज दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी। पुलिस अब वीडियो फुटेज के जरिए उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने शुक्रवार रात पुलिस कार्रवाई में बाधा डाली थी।

इसे भी पढ़े :- UPSC 2026 नोटिफिकेशन जारी: IAS-IFS अधिकारियों के लिए कड़े नियम

Spread the love

Post Comment

You May Have Missed