तेजस्वी यादव वोटर ID नोटिस पर भड़के: चुनाव आयोग को ठहराया जिम्मेदार
तेजस्वी यादव वोटर ID विवाद पर चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिस पर चुप्पी तोड़ते हुए, राजद नेता ने आयोग की मनमानी कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दो मतदाता पहचान-पत्र चुनाव आयोग द्वारा ही जारी किए गए थे। इसलिए उसके अधिकारियों को स्पष्टीकरण देना चाहिए। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपनी गलती उन पर थोप रहा है। उन्होंने हमेशा मतदान के लिए एक ही पहचान-पत्र का इस्तेमाल किया है। तेजस्वी ने कहा कि उन्हें चुनाव आयोग से नहीं, बल्कि अनुमंडल अधिकारी से नोटिस मिला है। वह इसका जवाब उचित समय पर देंगे।
- उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
- तेजस्वी ने हमेशा एक ही पहचान-पत्र का उपयोग किया।
- उन्होंने चुनाव आयोग पर मनमानी कार्रवाई का आरोप लगाया।
मुख्य बिंदु :
- तेजस्वी ने दोहरी वोटर आईडी की गलती चुनाव आयोग की बताकर स्पष्टीकरण की माँग की।
- उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव आयोग से नहीं, अनुमंडल अधिकारी से नोटिस मिला है।
- तेजस्वी ने आरोप लगाया कि आयोग अपनी गलती उन पर थोपने की कोशिश कर रहा है।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने हमेशा एक ही पहचान-पत्र से मतदान किया है।
- तेजस्वी ने कहा कि मतदाता सूची में जानबूझकर गड़बड़ियाँ कर आगामी चुनावों को प्रभावित किया जा रहा है।
- चुनाव आयोग ने दावा किया कि नया EPIC नंबर जारी कर सूची में नाम जोड़ा गया था।
- एनडीए नेताओं ने तेजस्वी के खिलाफ दोहरी पहचान पर कानूनी कार्यवाही की माँग की।
दोहरी मतदाता पहचान पत्र: गलती किसकी?
तेजस्वी ने पूछा, “दो मतदाता पहचान पत्र संख्याएँ किसने जारी कीं?” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गलती चुनाव आयोग की है। चुनाव आयोग ने गलती की है और मुझसे स्पष्टीकरण चाहता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसा कभी हुआ है? तेजस्वी ने चुनाव आयोग के अधिकारियों पर दोष मढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि एक विस्तृत और “अच्छा जवाब” तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पटना ज़िला प्रशासन से उन्हें नोटिस मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा एक ही जगह से वोट डालते रहे हैं।
- तेजस्वी ने अधिकारियों को जवाब देने की बात कही।
- उन्होंने अपनी गलती के लिए उन्हें दोषी ठहराने का आरोप लगाया।
- उनका जवाब अधिकारियों को अवाक कर देगा।
मतदाता सूची में अनियमितता: तेजस्वी ने उठाई आवाज
तेजस्वी ने पहले दावा किया था कि उनका नाम मतदाता सूची से गायब है। उन्होंने अपने EPIC नंबर RAB2916120 का उपयोग किया था। लेकिन साइट पर “नहीं मिला” परिणाम दिखाया। हालांकि, चुनाव आयोग ने तुरंत एक प्रति जारी की। जिसमें उनका नाम एक अलग EPIC नंबर के साथ शामिल दिखाया गया। इस पर तेजस्वी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके ईपीआईसी नंबर बदल दिए जा रहे हैं।
- उन्होंने दावा किया था कि उनका नाम सूची में नहीं है।
- चुनाव आयोग ने उनके दावे का खंडन किया।
- उन्होंने आरोप लगाया कि उनका EPIC नंबर बदल गया है।
तेजस्वी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष सारांश पुनरीक्षण के मुद्दे पर बात की। उन्होंने अपने समर्थकों को अनियमितताओं की जांच करने का निर्देश दिया।
SIR और राजनीतिक आरोप
तेजस्वी ने कहा कि मतदाता सूची के मसौदे में कई गड़बड़ियाँ हैं। उन्होंने दावा किया कि यह विधानसभा चुनावों से पहले हेराफेरी का प्रयास है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नौकरशाहों के नाम भी सूची से गायब हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया की प्रभावशीलता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। पटना जिला प्रशासन ने इस दावे का खंडन किया। उन्होंने एक स्क्रीनशॉट जारी किया।
- तेजस्वी ने कहा कि सूची में कई गड़बड़ियां हैं।
- यह आगामी चुनावों में एनडीए को फायदा पहुंचा सकता है।
- जिला प्रशासन ने उनके दावों को गलत बताया।
NDA नेताओं ने दो मतदाता पहचान पत्र रखने के लिए तेजस्वी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह चुनावी कानूनों के तहत एक अपराध है।
तेजस्वी यादव की अन्य टिप्पणियाँ और चुनौतियाँ
चुनावी विवाद के दौरान, तेजस्वी ने राष्ट्रीय मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने ट्रम्प प्रशासन द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए शुल्क वृद्धि पर मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने एनडीए की संसदीय दल की बैठक पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सीटों का बंटवारा संसद भवन के अंदर तय नहीं होता है। तेजस्वी यादव वोटर ID मामले पर भी वह पूरी तरह से अड़े हुए हैं। राजद नेता ने पूर्व जदयू विधायक अनंत सिंह की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रवक्ता बंटू सिंह इसका जवाब देंगे।
- तेजस्वी ने राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरा।
- उन्होंने एनडीए की संसदीय बैठक को खारिज कर दिया।
- वे अनंत सिंह की टिप्पणी पर मुस्कुराए।
तेजस्वी यादव का स्टैंड: चुनाव आयोग पर तंज
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कुछ दिन पहले अपने वोटर आईडी को लेकर उठे विवाद पर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मुझे चुनाव आयोग से नहीं, बल्कि पटना पंजीकरण विभाग से नोटिस मिला है। अगर दो EPIC नंबर जारी हुए थे, तो गलती किसकी है?” उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा कि वे उनसे स्पष्टीकरण क्यों मांग रहे हैं। तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि वे अपनी गलती के लिए उन्हें दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
- उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव आयोग से नोटिस नहीं मिला।
- उन्होंने पूछा कि दो EPIC नंबर जारी होने की गलती किसकी है?
- वे इस पर एक अच्छा जवाब तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह पटना के बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में मतदान केंद्र संख्या 204 के क्रमांक 416 पर सूचीबद्ध थे।तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर सीधा हमला और दोहरी वोटर आईडी का मुद्दा बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है। तेजस्वी यादव वोटर ID का मामला बिहार में राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है, जिसमें नेता और अधिकारी एक-दूसरे के आमने-सामने हैं। इस विवाद का अंतिम परिणाम क्या होगा, यह आने वाले समय में पता चलेगा।



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