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सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बनीं, अजित पवार के निधन के बाद बदला समीकरण

सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम

महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक मोड़ आया जब सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेकर राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनीं। राजभवन के लोक भवन में आयोजित एक सादे समारोह में गवर्नर आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

62 वर्षीय सुनेत्रा पवार को इससे पहले राज्य एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया था। यह नियुक्ति उनके पति और राज्य के कद्दावर नेता अजित पवार के असमय और दुखद निधन के बाद हुई है, जिससे रिक्त हुए स्थान को भरने के लिए पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है।

बारामती विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच की मौत

यह राजनीतिक घटनाक्रम एक बेहद दुखद पृष्ठभूमि के बीच हुआ है। बीते बुधवार, 28 जनवरी को महाराष्ट्र के तत्कालीन डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार का उनके होमटाउन बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया था। वे जिस लियरजेट 45 एयरक्राफ्ट में सफर कर रहे थे, वह क्रैश हो गया।

इस हादसे में अजित पवार के साथ चार अन्य लोगों की भी जान चली गई, जिनमें 15,000 घंटे का अनुभव रखने वाले कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक (1,500 घंटे का अनुभव), पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल थे। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

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शरद पवार का बड़ा बयान: रुक सकती है मर्जर की प्रक्रिया

एनसीपी (SP) चीफ शरद पवार ने शनिवार को बारामती में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक महत्वपूर्ण खुलासा किया। उन्होंने कहा कि अजित पवार की मौत के बाद अब नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के विलय (मर्जर) की प्रक्रिया में बड़ी रुकावट आ सकती है।

शरद पवार ने बताया कि पिछले चार महीनों से दोनों गुटों को एक साथ लाने के लिए सकारात्मक बातचीत चल रही थी। हालांकि, सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम के रूप में अब नई जिम्मेदारी संभाल रही हैं, लेकिन शरद पवार का मानना है कि इस विमान दुर्घटना ने पूरी प्रक्रिया पर बेहद बुरा असर डाला है।

अजित पवार और जयंत पाटिल के बीच चल रही थी गुप्त बातचीत

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने स्पष्ट किया कि मर्जर को लेकर सारी बातचीत जमीनी स्तर पर अजित पवार और एनसीपी (SP) के स्टेट चीफ जयंत पाटिल की लीडरशिप में चल रही थी। शरद पवार ने कहा, “सारी बातचीत उनके लेवल पर हुई थी, लेकिन अब ऐसा लगता है कि एक्सीडेंट के बाद प्रोसेस में रुकावट आ सकती है।

” उन्होंने यह भी जोड़ा कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में विलय संभव है, तो उन्होंने अनिश्चितता जताते हुए कहा कि वे स्वयं इन वार्ताओं का सीधा हिस्सा नहीं थे।

12 फरवरी को होना था विलय का आधिकारिक ऐलान

मर्जर की खबरों पर और रोशनी डालते हुए शरद पवार ने बताया कि दोनों पार्टियों के साथ मिलकर काम करने पर आम सहमति बन चुकी थी और प्रक्रिया काफी आगे बढ़ गई थी। पवार के अनुसार, “मर्जर पर फैसला 12 फरवरी को अनाउंस होना था। अजित ने ही यह तारीख तय की थी, लेकिन बदकिस्मती से यह हादसा हो गया।

” हाल ही में हुए निकाय चुनावों (सिविक इलेक्शन) के दौरान भी अजित पवार ने कुछ पत्रकारों से निजी तौर पर कहा था कि वे अपनी पार्टी को शरद पवार की एनसीपी (SP) में मर्ज करना चाहते हैं, खासकर तब जब 85 वर्षीय शरद पवार की सेहत ठीक है।

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सुनेत्रा पवार का भावुक संदेश: ‘दादा’ की विरासत को बढ़ाउंगी आगे

उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम के रूप में अपने पहले आधिकारिक बयान में बेहद भावुक नजर आईं। उन्होंने अपने पति अजित पवार (दादा) के जाने को ‘दुख का पहाड़’ करार दिया। उन्होंने मराठी में सोशल मीडिया पर लिखा कि अजित दादा ने हमेशा किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के लिए जीने का मंत्र दिया है।

उन्होंने वादा किया कि वे ‘शिव-शाहू-फुले-अंबेडकर’ के सिद्धांतों पर चलते हुए उनके सपनों के विकसित महाराष्ट्र को साकार करेंगी। उन्होंने कहा कि लोगों का प्यार और विश्वास ही इस कठिन समय में उनकी असली ताकत है।

महायुति गठबंधन और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियां

जुलाई 2023 में अजित पवार के एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद एनसीपी दो फाड़ हो गई थी। नवंबर 2024 के चुनावों के बाद भी वे महायुति सरकार में डिप्टी सीएम बने रहे थे।

अब उनकी जगह सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बनी हैं, लेकिन शरद पवार ने कहा कि उन्हें इस शपथ ग्रहण के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी और न ही उनसे कोई चर्चा की गई थी।

दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सुलह की संभावनाओं को नकारते हुए कहा है कि एनसीपी की वफादारी अब सुनेत्रा पवार के साथ है और उन्हें नहीं लगता कि शरद पवार को वापस बुलाया जाएगा।

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छगन भुजबल और जयंत पाटिल का रुख

पार्टी के भीतर इस संकट की घड़ी में वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने साफ किया है कि फिलहाल पार्टी का पूरा ध्यान मौजूदा भाजपा-एनसीपी-शिवसेना गठबंधन को मजबूती से चलाने पर है।

वहीं, ईश्वरपुर से बोलते हुए जयंत पाटिल ने पुष्टि की कि जनवरी के मध्य में एक पक्का रोडमैप तैयार हो गया था और अजित पवार दोनों गुटों को एक करने के लिए ‘बहुत पक्के’ थे। फिलहाल, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नेताओं की पहल पर सुनेत्रा पवार को कमान सौंपी गई है, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है।

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