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“तुकाराम मुंडे महाराष्ट्र एफडीए” कमिश्नर की कड़ी कार्रवाई से हड़कंप,

तुकाराम मुंडे महाराष्ट्र एफडीए

तुकाराम मुंडे महाराष्ट्र एफडीए महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के नए कमिश्नर और वरिष्ठ IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे अपने कड़क मिज़ाज और समझौता न करने वाले रवैये के लिए जाने जाते हैं।

मई 2026 में महाराष्ट्र FDA का पद संभालने के बाद से उन्होंने पूरे राज्य में अस्वच्छ रेस्टोरेंट, खाद्य मिलावटखोरों, नकली दवा निर्माताओं और अवैध गुटखा माफियाओं के खिलाफ एक व्यापक और सख्त अभियान चला रखा है। उनकी इस मुहिम ने मुंबई के कई प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट, जिमखाना और क्लबों के किचन तक में हड़कंप मचा दिया है।

किसान परिवार से UPSC टॉपर बनने तक का सफर

3 जून 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के ताडसोना गांव में जन्मे तुकाराम मुंडे की शुरुआती जिंदगी काफी संघर्षपूर्ण रही। एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे मुंडे बचपन में पढ़ाई के साथ-साथ अपने माता-पिता के साथ खेतों में काम करते थे। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े मुंडे ने अपनी मेहनत के दम पर 2004 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 20वीं रैंक (AIR 20) हासिल की और 2005 बैच के IAS अधिकारी बने।

अपने 21 साल से अधिक के प्रशासनिक करियर में मुंडे का 25 बार तबादला हो चुका है। हालांकि, बार-बार होने वाले इन तबादलों ने कभी भी उनके काम करने की शैली को प्रभावित नहीं किया, बल्कि यही निष्पक्षता और कड़ाई उनकी पहचान बन गई।

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“सोलहपुर के वाटर मैन” से लेकर “नवी मुंबई के सख्त कमिश्नर”

तुकाराम मुंडे जिस भी विभाग में रहे, वहां अपने फैसलों की वजह से सुर्खियों में रहे:

सोलापुर कलेक्टर (2014): ‘जलयुक्त शिवर’ कार्यक्रम के तहत भीषण जल संकट से जूझ रहे सोलापुर के दर्जनों गांवों की पानी के टैंकरों पर निर्भरता खत्म की, जिससे उन्हें “महाराष्ट्र का वाटर मैन” कहा जाने लगा।

नवी मुंबई म्यूनिसिपल कमिश्नर: अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने, प्रॉपर्टी टैक्स वसूली बढ़ाने और सुबह-सुबह “वॉक विद कमिश्नर” अभियान के तहत खुद जमीनी निरीक्षण करने की वजह से काफी लोकप्रिय रहे।

मुंबई के नामी रेस्टोरेंट और संस्थानों पर FDA का शिकंजा

FDA कमिश्नर के रूप में मुंडे ने राज्यभर के थोक विक्रेताओं, निर्माताओं और रिटेलरों के साथ-साथ मुंबई के आइकॉनिक रेस्टोरेंट पर औचक निरीक्षण की लहर चला दी। गंभीर कमियों, गंदगी और नियमों के उल्लंघन के चलते निम्नलिखित बड़े संस्थानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए या अस्थायी रूप से बंद करने का नोटिस दिया गया:

नूर मोहम्मदी होटल और शालीमार रेस्टोरेंट

के. रुस्तम एंड कंपनी (आइसक्रीम)

क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI)

विलिंगडन स्पोर्ट्स क्लब

जुहू जिमखाना

इसके अतिरिक्त, हाल ही में राज्यभर की 434 आयुर्वेदिक दवा निर्माता इकाइयों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से नियमों का उल्लंघन करने वाली 135 कंपनियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ थमाया गया और 10 के लाइसेंस रद्द कर दिए गए।

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दूध मिलावट, नकली पनीर और जंक फूड पर बड़ी स्ट्राइक

सिंथेटिक दूध और नकली पनीर पर बैन: मुंडे के नेतृत्व में सिंथेटिक दूध बनाने वाली इकाइयों पर छापे मारे गए। साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने आर्टिफिशियल (कृत्रिम) पनीर के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।

स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड बैन: जुलाई 2026 के एक निर्देश के तहत राज्यभर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में अधिक वसा, चीनी और नमक (HFSS) वाले खाद्य पदार्थों (जैसे चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट) की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

गुटखा और पान मसाला जब्ती: जून की शुरुआत में चलाए गए 5 दिवसीय अभियान में 195 छापे मारे गए, जिनमें 192 लोगों को गिरफ्तार कर करीब ₹1.99 करोड़ का प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला जब्त किया गया।

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    अभिनेता परेश रावल ने CM देवेंद्र फडणवीस से की खास अपील

    तुकाराम मुंडे की इस निडर और सख्त कार्यशैली को देखते हुए बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता परेश रावल भी उनके समर्थन में उतर आए हैं। परेश रावल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील करते हुए लिखा:

    “माननीय मुख्यमंत्री जी, यह धर्म और प्राथमिकता होनी चाहिए कि वे श्री तुकाराम मुंडे की रक्षा करें और सुनिश्चित करें कि उनका तबादला न हो या उन्हें उनके वर्तमान विभाग से हटाया न जाए।”

    मुंडे की इस व्यापक खाद्य सुरक्षा मुहिम ने जहां एक तरफ मिलावटखोरों की नींद उड़ा दी है, वहीं आम जनता और नागरिक समाज के बीच उनके इस कदम की जमकर सराहना की जा रही है। मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई और नए आदेशों के बीच एक्शन में तुकाराम मुंडे महाराष्ट्र एफडीए

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