ऑपरेशन सिंदूर अजित डोभाल का बड़ा बयान: बोले— देश कड़ा प्रहार में सक्षम’
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने भारत की सैन्य रणनीति और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख को लेकर एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अपने पहले साक्षात्कार में डोभाल ने कहा कि भारत की उदारता और संयम को उसकी कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए।
देश अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़े से बड़ा जोखिम उठाने और दुश्मनों पर कड़ा प्रहार करने में पूरी तरह सक्षम है।
यह साक्षात्कार डिस्कवरी चैनल की आगामी दो भागों वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ “डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर” में प्रसारित किया जाएगा।
88 घंटे चला सैन्य अभियान: लक्ष्य था आतंकी ढांचों को ध्वस्त करना
डोभाल ने खुलासा किया कि लगभग 88 घंटे चले इस ऐतिहासिक सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकी कैंपों को पूरी तरह नष्ट करना था।
पहलगाम हमले का बदला: यह कार्रवाई 22 अप्रैल को हुए घातक पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी।
NSA डोभाल का बयान: “हमने ऑपरेशन का मकसद दुश्मन के कैंपों को नष्ट करना तय किया था, खासकर उन ठिकानों को जो पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार थे। दुनिया के लिए संदेश बहुत साफ है—भारत की सहनशीलता को कमजोरी न समझें।”
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PoK और पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक एअरस्ट्राइक
भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई की सुबह कार्रवाई करते हुए जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक तबाह किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन लक्षित हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।
निशाना बनाए गए मुख्य आतंकी कैंप:
सवाई नाला व सैयदना बिलाल कैंप (मुज़फ़्फ़राबाद): लश्कर के ट्रेनिंग सेंटर, जहां हथियारों और जंगल में टिके रहने का प्रशिक्षण दिया जाता था।
गुरपुर व अब्बास कैंप (कोटली): तीर्थयात्रियों पर हमले में शामिल आतंकियों और आत्मघाती हमलावरों का ठिकाना।
सरजल व महमूना जया कैंप (सियालकोट): पठानकोट हमले और पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल आतंकियों का अड्डा।
मरकज़ तैयबा (मुरिदके): कसाब और हेडली का कुख्यात ट्रेनिंग सेंटर।
मस्जिद सुभान अल्लाह (बहावलपुर): जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य मुख्यालय।
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पाकिस्तानी एयरबेस को भारी नुकसान और सैन्य विराम
सैन्य संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के कई रणनीतिक एयरबेस को निशाना बनाया। प्राइवेट सैटेलाइट एजेंसी मैक्सार (Maxar) द्वारा जारी तस्वीरों में सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर एयरबेस को पहुंचे भारी नुकसान की पुष्टि हुई।
परमाणु हथियारों से लैस दोनों देशों के बीच 88 घंटे तक चला यह तनाव 10 मई को दोनों देशों के डायरेक्टर्स जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMOs) के बीच हुई वार्ता के बाद समाप्त हुआ।
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‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रीमियर
डिस्कवरी द्वारा निर्मित यह विशेष डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व के प्रत्यक्ष अनुभवों और पर्दे के पीछे लिए गए कड़े फैसलों को दुनिया के सामने लाएगी। इस सीरीज़ का प्रीमियर शनिवार रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल और डिस्कवरी+ (Discovery+) पर होगा। खुफिया एजेंसियों के गुप्त मिशन और रणनीतिक फैसलों के बीच चर्चा में आया ऑपरेशन सिंदूर अजित डोभाल
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