“महाराष्ट्र कैब मराठी नियम” अनिवार्य: न सीखने पर रद्द होगा ड्राइविंग लाइसेंस;
महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप-बेस्ड कैब (Ola-Uber) ड्राइवरों के लिए राज्य सरकार ने मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। ‘महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स (तीसरा संशोधन) नियम, 2026’ का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अब इसे जमीन पर लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है।
इस नए नियम को लागू करने की कार्ययोजना और भाषा परीक्षण के मानकों को तय करने के लिए बुधवार, 19 अगस्त 2026 को ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक होने जा रही है।
लाइसेंस सस्पेंड और रद्द करने का प्रावधान
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं देने वाले ड्राइवरों को स्थानीय भाषा सीखनी ही होगी।
समय सीमा और नोटिस: नियम का पालन न करने वाले ड्राइवरों को भाषा सीखने के लिए 30 दिनों (1 महीने) का नोटिस दिया जाएगा।
सस्पेंशन और स्थायी रद्दीकरण: यदि ड्राइवर नोटिस की अवधि के भीतर मराठी का बुनियादी ज्ञान हासिल करने में विफल रहता है, तो उसका लाइसेंस 3 महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। इसके बावजूद नियम न मानने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा।
सर्टिफाइड ड्राइवरों को राहत: मंत्री ने बताया कि अब तक 1.65 लाख से अधिक ड्राइवर सरकारी अभियान के तहत मराठी भाषा सीख चुके हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
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नियमों में संशोधन और परमिट शर्त
सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत ‘महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989’ के नियम 4(4) और नियम 78 में संशोधन किया गया है।
कामकाजी ज्ञान अनिवार्य: इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली कैब और रिक्शा चालकों के पास “मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान” होना कानूनी रूप से जरूरी होगा।
परमिट नवीनीकरण: परमिट धारकों के लिए परमिट रिन्यू कराते समय अधिकारियों के समक्ष मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान सिद्ध करना अनिवार्य होगा।
पक्ष रखने का मौका: किसी भी ड्राइवर का लाइसेंस रद्द करने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाएगा।
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फैसले पर गरमाई राजनीति
कैब और ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य किए जाने पर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
समर्थन: शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी राज्य में काम करने के लिए वहां की स्थानीय भाषा सीखना जरूरी है।
विरोध और आपत्ति: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि भाषा सीखना अच्छा है, लेकिन इसे जबरन थोपा नहीं जाना चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने इसे अन्यायपूर्ण और राजनीतिक लाभ से प्रेरित कदम करार दिया।
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बुधवार को होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में यह स्पष्ट हो जाएगा कि ड्राइवरों के भाषा ज्ञान की जांच किस तरह की जाएगी और आरटीओ (RTO) स्तर पर इसका वेरिफिकेशन कैसे होगा। सरकार के इस रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में बिना मराठी ज्ञान के महाराष्ट्र में कमर्शियल वाहन चलाना मुश्किल होगा। परिवहन विभाग के नए निर्देशों और चालकों की मांग के बीच लागू हुआ महाराष्ट्र कैब मराठी नियम
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