“सम्राट चौधरी इस्तीफा मांग” BPSC प्रदर्शन में 6 साल के बच्चे ने बटोरा ध्यान
सम्राट चौधरी इस्तीफा मांग बिहार की राजधानी पटना में BPSC परीक्षा और शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर चल रहे उग्र छात्र आंदोलन के बीच एक अनोखी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास घेराव मार्च के दौरान एक 6 साल का बच्चा प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर मीडिया और पुलिस का ध्यान खींचने में कामयाब रहा।
लाल टी-शर्ट, डेनिम पैंट और माथे पर तिलक लगाए इस बच्चे ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन और लाठीचार्ज को लेकर सीधे प्रशासनिक अधिकारियों और राज्य सरकार पर सवाल खड़े कर दिए।
लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई पर बच्चे के तीखे सवाल
मीडिया से बात करते हुए इस छोटे बच्चे ने बेहद परिपक्व और मुखर अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। उसने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की और कहा कि वह एक “चिंतामुक्त भविष्य की चाह रखने वाले नागरिक” के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग कर रहा है।
बच्चे द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु:
कमांड चेन पर सवाल: बच्चे ने पूछा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज करने का आदेश आखिरकार किसने दिया?
अधिकारियों से जवाब की मांग: उसने कहा कि वह इस कार्रवाई के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) से सीधे जवाब चाहता है।
इस्तीफे की मांग: छात्रों के सिर में चोट लगने की घटनाओं का हवाला देते हुए उसने राज्य के नेतृत्व से इस्तीफे की मांग की।
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‘हिरासत’ की वायरल खबरों पर पुलिस का रुख
सोशल मीडिया पर बच्चे को पुलिसकर्मियों द्वारा ले जाने के वीडियो वायरल होने के बाद यह अफवाह फैल गई कि 6 साल के मासूम को भी हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि, पटना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इन खबरों का त्वरित खंडन किया।
पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी:
सुरक्षा के तहत कदम: पुलिस प्रशासन का कहना है कि उग्र प्रदर्शन और भगदड़ जैसी स्थिति में बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए उसे तुरंत भीड़ से अलग कर सुरक्षित स्थान (थाने) पर ले जाया गया था।
माता-पिता को सौंपा गया: कागजी प्रक्रिया या हिरासत जैसा कोई मामला नहीं था; बच्चे की पहचान के बाद उसकी मां को सुरक्षित बुलाकर सौंप दिया गया।
परिजनों को हिदायत: पुलिस ने दिहाड़ी मजदूरी करने वाले माता-पिता को सलाह दी कि वे तनावपूर्ण और उग्र माहौल में बच्चे की आवाजाही पर विशेष ध्यान रखें।
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BPSC और TRE-4 अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन
यह घटना उस समय हुई जब BPSC 70वीं संयुक्त परीक्षा और आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के अभ्यर्थी हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे हुए थे।
प्रदर्शन की मुख्य वजहें:
परीक्षा संरचना में बदलाव: छात्र मांग कर रहे हैं कि भर्ती प्रक्रिया को दो चरणों के बजाय एकल चरण में संपन्न कराया जाए।
नेगेटिव मार्किंग: TRE-4 परीक्षा से माइनस मार्किंग हटाने की मांग की जा रही है।
पारदर्शिता और जांच: परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग।
मार्च के दौरान डाकबंगला चौराहे और बैरिकेड्स के पास छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन और बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया।
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पटना के इस विरोध प्रदर्शन में 6 साल के बच्चे के बेबाक बयानों ने सोशल मीडिया पर ‘जेन अल्फा’ (Gen Alpha) की जागरूकता को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। जहां एक ओर छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक मशीनरी इस तरह के संवेदनशील मामलों पर सतर्कता बरतने का दावा कर रही है। विरोध प्रदर्शनों, विधानसभा में हंगामे और सत्ता पक्ष के बचाव के बीच जानें सम्राट चौधरी इस्तीफा मांग की पूरी इनसाइड स्टोरी
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