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 “स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तारी” CJP प्रदर्शनकारी के पिता पर हमले का दावा

स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तारी

स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तारी जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता पर हमला करने के आरोपी हिंदुत्व कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है।

आरोपी ने एक पॉडकास्ट के दौरान दावा किया था कि उसने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता संजय कुमार का “सिर फोड़ दिया” था। इस वीडियो के वायरल होने और राजनीतिक हलचल बढ़ने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी मोटरसाइकिल से नैथला गांव से खुर्जा की ओर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

क्या है पूरा मामला?

घटना जुलाई महीने की है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था। इस दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आज़ाद और उनके पिता संजय कुमार भी प्रदर्शन में शामिल थे।

मारपीट का आरोप: प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता संजय कुमार के साथ हाथापाई और मारपीट हुई, जिसमें वे घायल हो गए थे।

राजनीतिक पहुंच का दावा: आरोपी ने वीडियो में यह भी दावा किया था कि राजनीतिक संबंधों और वरिष्ठ नेताओं के संरक्षण के कारण पुलिस ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की।

पॉडकास्ट में शेखी बघारना: हाल ही में ‘द कैज़ुअल टॉक’ नामक एक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित एक घंटे के पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उसने निशु के पिता पर हमला किया था और उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।

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    वायरल वीडियो के बाद बढ़ा राजनीतिक दबाव

    पॉडकास्ट वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही CJP कार्यकर्ताओं, छात्र संगठनों और विपक्षी नेताओं ने दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।

    नेताओं की मौजूदगी: आज़ाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद, कांग्रेस से जुड़े निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता और CJP के सह-संयोजक पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।

    पुलिस की समयसीमा: प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद पुलिस ने 72 घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद अलग-अलग टीमें गठित कर यूपी में छापेमारी की गई।

    राहुल गांधी ने जताया समर्थन, FIR में जोड़ी जा रही हैं सख्त धाराएं

    इस मुद्दे ने उस समय और बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पीड़ित परिवार के समर्थन में पोस्ट किया।

    विपक्ष का हमला: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे अपने अधिकारों और छात्रों की आवाज उठा रहे थे। उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा जताया।

    SC/ST एक्ट शामिल: सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित परिवार के दलित समुदाय से ताल्लुक रखने के कारण दिल्ली पुलिस FIR में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ रही है। इसके अलावा, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अन्य गंभीर धाराएं जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है।

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    आरोपी के दावों पर नेताओं और पुलिस का स्पष्टीकरण

    विवाद बढ़ने के बाद, जिन नेताओं का नाम आरोपी ने अपने वीडियो में लिया था, उन्होंने इन दावों को खारिज कर दिया:

    नेताओं की प्रतिक्रिया: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने नाम का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही।

    पुलिस का रुख: दिल्ली पुलिस ने आरोपी के उन दावों को खारिज किया जिसमें उसने पुलिस का सामान इस्तेमाल करने और गंभीर चोट पहुंचाने की बात कही थी। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय मामूली हाथापाई हुई थी और मामले की वैधानिक जांच की जा रही है।

    पीड़िता का बयान: निशु आज़ाद ने मीडिया को बताया कि इस घटना और उसके बाद मिली धमकियों के कारण उन्हें और उनके परिवार को काफी मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा।

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      जंतर-मंतर पर हुई मारपीट और उसके बाद सोशल मीडिया पर दावों के आधार पर शुरू हुआ यह मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है। पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद मामले की गहन जांच की जा रही है। SC/ST एक्ट की धाराएं जुड़ने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रियाएं और सख्त होने की संभावना है।

      जांच एजेंसी के नए खुलासों, मुख्य आरोपों और वकीलों की दलीलों से समझें स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तारी की पूरी इनसाइड स्टोरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, हाई-प्रोफाइल जांच और अदालती प्रक्रिया के बीच गरमाया स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तारी का मामला

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