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AIR INDIA ड्रीमलाइनर ग्राउंडेड: फ्यूल स्विच में खराबी के बाद मचा हड़कंप

AIR INDIA ड्रीमलाइनर ग्राउंडेड

AIR INDIA ड्रीमलाइनर ग्राउंडेड किए जाने की खबर ने एविएशन सेक्टर में हलचल मचा दी है। एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (VT-ANX) को उस समय सेवा से बाहर कर दिया गया, जब प्री-फ्लाइट इंजन स्टार्ट के दौरान उसका बायां फ्यूल कंट्रोल स्विच “रन” पोजीशन में लॉक नहीं हो पाया। यह घटना 1 फरवरी, 2026 को लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर हुई, जहां फ्लाइट AI-132 बेंगलुरु के लिए रवाना होने वाली थी। पायलट ने रिपोर्ट किया कि स्विच बिना किसी कमांड के बार-बार “कट-ऑफ” पोजीशन पर वापस आ रहा था। यह वही तकनीकी समस्या है जिसने 12 जून, 2025 को अहमदाबाद में हुए उस घातक क्रैश की यादें ताजा कर दी हैं, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी।

इंजन स्टार्ट-अप के दौरान सुरक्षा मैकेनिज्म की विफलता

विमान के कॉकपिट में फ्यूल कंट्रोल स्विच को एक विशेष सुरक्षा फीचर के साथ डिज़ाइन किया गया है। इसे टॉगल करने से पहले ऊपर की ओर खींचना पड़ता है ताकि गलती से इंजन बंद न हो जाए। हीथ्रो में जब क्रू मेंबर ने लॉकिंग मैकेनिज्म को जांचने के लिए हल्के दबाव से स्विच को टेस्ट किया, तो वह बिना लिफ्ट एक्शन के ही “रन” से “कट-ऑफ” पर चला गया। दो बार फेल होने के बाद, तीसरे प्रयास में यह सुरक्षित रहा, जिसके बाद विमान ने बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी। बेंगलुरु उतरने के बाद सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए AIR INDIA ड्रीमलाइनर ग्राउंडेड कर दिया गया और विस्तृत जांच शुरू की गई।

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अहमदाबाद क्रैश और फ्यूल स्विच का रहस्यमयी संबंध

यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अहमदाबाद हादसे की प्रारंभिक जांच में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने पाया था कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच “कट-ऑफ” स्थिति में चले गए थे। उस समय कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट दूसरे से फ्यूल कट होने पर सवाल पूछ रहा था, जबकि दूसरे ने किसी भी एक्शन से इनकार किया था। हीथ्रो की इस नई घटना ने उन दावों को मजबूती दी है कि मैकेनिकल खराबी के कारण बिना कमांड के भी स्विच अपनी पोजीशन बदल सकते हैं, जिससे मानवीय त्रुटि की थ्योरी कमजोर पड़ती है।

बोइंग और डीजीसीए की सक्रियता: बेड़े के निरीक्षण पर सवाल

एयर इंडिया ने इस गंभीर मुद्दे के बारे में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एिएशन (DGCA) को सूचित कर दिया है। एयरलाइन के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि पायलट की चिंताओं को प्राथमिकता के आधार पर जांचने के लिए ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) यानी बोइंग को शामिल किया गया है। गौरतलब है कि अहमदाबाद दुर्घटना के बाद DGCA ने पूरे बोइंग 787 बेड़े के निरीक्षण का आदेश दिया था, जिसमें एयर इंडिया ने दावा किया था कि कोई विसंगति नहीं मिली है। अब AIR INDIA ड्रीमलाइनर ग्राउंडेड होने के बाद पुराने निरीक्षणों की सटीकता पर भी विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं।

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विशेषज्ञों की चेतावनी: क्या यह एक नया और बार-बार होने वाला डिफेक्ट है?

एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट कैप्टन अमित सिंह ने इस घटना को “बेहद परेशान करने वाली” बताया है। उन्होंने कहा कि 2018 में अमेरिकी नियामक FAA ने हनीवेल द्वारा बनाए गए इन स्विचों के बारे में एक एयरवर्थनेस बुलेटिन जारी किया था, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि लॉकिंग मैकेनिज्म एंगेज न होने पर इंजन अचानक बंद हो सकते हैं। सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन के अनुसार, विमान का स्विच दो कोशिशों में भी रन पोजीशन में लॉक नहीं हो पाया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल खराबी को नजरअंदाज करना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।

जोखिमपूर्ण उड़ान और ‘एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड’ प्रोटोकॉल पर विवाद

लंदन में खराबी का पता चलने के बावजूद विमान को बेंगलुरु तक उड़ाने के फैसले पर विशेषज्ञों ने हैरानी जताई है। उनका तर्क है कि हीथ्रो में ही विमान को ‘एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड’ (AOG) घोषित कर देना चाहिए था। हालांकि विमान 200 से अधिक यात्रियों के साथ सुरक्षित बेंगलुरु पहुंच गया, लेकिन पायलटों द्वारा दोबारा रिपोर्ट किए जाने पर ही इसे रोका गया। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि स्प्रिंग-लोडेड स्विच का बिना जानबूझकर की गई कार्रवाई के हिलना एक गंभीर डिजाइन दोष या यांत्रिक विफलता की ओर इशारा करता है, जिसे तत्काल रेगुलेटरी फॉलो-अप की आवश्यकता है।

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यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन की जवाबदेही

एयर इंडिया ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में AIR INDIA ड्रीमलाइनर ग्राउंडेड करना एक एहतियाती कदम है ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो। बोइंग के प्रवक्ता ने भी पुष्टि की है कि वे एयर इंडिया के संपर्क में हैं और मामले की समीक्षा में पूरा सहयोग कर रहे हैं। इस घटना ने लंबी दूरी के बेड़े के लिए वैश्विक सुरक्षा मानकों और जवाबदेही पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है, खासकर जब मामला 787 जैसे आधुनिक विमान का हो।

भविष्य की जांच और नियामक संस्थाओं का कड़ा रुख

भारत के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, DGCA शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर एयरलाइन से और जानकारी मांग रहा है। यदि आवश्यक हुआ, तो देश के सभी बोइंग 787-8 बेड़े की दोबारा जांच का फैसला लिया जा सकता है। हनीवेल और बोइंग को इस जांच प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। यात्रियों और क्रू को अब स्पष्ट जवाबों की प्रतीक्षा है कि क्या यह समस्या किसी एक विमान तक सीमित है या पूरे बेड़े में कोई छिपा हुआ डिजाइन दोष है जो समय-समय पर सामने आ रहा है।

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