भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से शेयर बाज़ार में उछाल, निफ्टी 5% चढ़ा
शेयर बाज़ार में उछाल ने आज निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौते की घोषणा के बाद मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स खुलने पर 5% की बढ़त के साथ रॉकेट बन गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई 30 मिनट की फोन कॉल ने बाज़ार की दिशा बदल दी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने घोषणा की है कि अमेरिका भारतीय सामानों पर आपसी टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर देगा। यह ऐतिहासिक मोड़ तब आया जब भारत रूसी तेल की खरीद बंद करने और अमेरिका से बड़े स्तर पर ऊर्जा आयात करने पर सहमत हुआ।
टैरिफ में भारी कटौती और ‘मेड इन इंडिया’ को वैश्विक मजबूती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर स्पष्ट किया कि भारत अब रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा और इसके बजाय अमेरिका से “बहुत ज़्यादा” तेल खरीदेगा। इससे पहले अमेरिका ने भारत पर 50% तक का टैरिफ लगाया था, जिसमें रूसी तेल खरीदने पर 25% की पेनल्टी शामिल थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर अपनी पोस्ट में इस “शानदार घोषणा” के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “मेड इन इंडिया” उत्पादों पर अब अमेरिका में 18% कम टैरिफ लगेगा, जो पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश (20%), पाकिस्तान (19%) और वियतनाम (20%) की तुलना में कम है। इस कूटनीतिक जीत ने बाज़ार में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ाई और शेयर बाज़ार में उछाल को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया।
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सेंसेक्स और निफ्टी में रिकॉर्ड तोड़ तेज़ी: निवेशकों की हुई चांदी
मंगलवार की सुबह दलाल स्ट्रीट के लिए किसी उत्सव से कम नहीं थी। सेंसेक्स 3,600 से ज़्यादा अंकों की बढ़त के साथ 85,000 के पार खुला, वहीं निफ्टी50 ने 1,200 अंकों की छलांग लगाकर 26,300 का स्तर पार कर लिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स एक समय 4,205 अंक तक चढ़ गया था। इस उछाल ने पिछले 48 घंटों के उस नुकसान की भरपाई कर दी, जो बजट 2026 के बाद बाजार गिरने से हुआ था। सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में थे, जिनमें रियल्टी (4.47%), ऑटो (3.78%), और आईटी (3.04%) ने शानदार प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाज़ार में उछाल का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
बजट के झटकों से उबरा बाज़ार: विशेषज्ञों ने बताया ‘गेम चेंजर’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 2026 के केंद्रीय बजट के बाद बाज़ार में लगभग 2% की गिरावट आई थी, जिससे निवेशकों की 10 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई थी। सट्टेबाजी रोकने के लिए लेनदेन कर (STT) में बढ़ोतरी के प्रस्ताव से निवेशक चिंतित थे। लेकिन ट्रंप की घोषणा ने सेंटीमेंट को पूरी तरह बदल दिया। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील और हाल ही में हुई भारत-EU डील का संयुक्त प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सबसे मजबूत बाहरी प्रोत्साहन है। उन्होंने वित्त वर्ष 2027 में भारत की विकास दर 7.5% तक पहुँचने और कॉर्पोरेट आय में 16-18% की वृद्धि का अनुमान लगाया है।
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रुपये की मज़बूती और विदेशी निवेशकों (FII) की घर वापसी
ट्रेड डील की खबर से केवल स्टॉक मार्केट ही नहीं, बल्कि मुद्रा बाज़ार में भी सकारात्मक हलचल दिखी। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.2% मज़बूत होकर 90.40 पर पहुँच गया, जो नवंबर 2022 के बाद की सबसे बड़ी बढ़त है। एलारा कैपिटल के विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में रुपया 88.5-89 के स्तर तक आ सकता है। वहीं, पिछले साल से लगातार बिकवाली कर रहे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के अब वापस लौटने की उम्मीद है। आनंद राठी ग्रुप के सुजान हाजरा ने कहा कि अब रिस्क प्रीमियम सामान्य होगा और भारत एक बार फिर वैश्विक पूंजी के लिए सबसे आकर्षक निवेश केंद्र बनकर उभरेगा।
सेक्टोरल चमक: आईटी, ऑटो और टेक्सटाइल शेयरों में भारी लिवाली
बाजार खुलते ही सभी इंडेक्स में व्यापक खरीदारी देखी गई। निफ्टी ऑटो 5% चढ़ा, जबकि निफ्टी आईटी में 5.85% की भारी बढ़त दर्ज की गई। फार्मा, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर भी 4% से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अलग-अलग शेयरों की बात करें तो अदानी पोर्ट्स 8.27% और बजाज फाइनेंस 6.4% ऊपर रहे। टेक्सटाइल और एक्सपोर्ट से जुड़े शेयरों में विशेष तेज़ी देखी गई, क्योंकि अमेरिकी टैरिफ में कटौती का सीधा फायदा इन क्षेत्रों को मिलेगा। शेयर बाज़ार में उछाल की यह लहर मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स तक भी पहुँची, जहाँ 3% से ज़्यादा की तेज़ी दर्ज की गई।
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कूटनीतिक गहराई: ‘बाय अमेरिकन’ और वैश्विक शांति का संकल्प
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पोस्ट में पीएम मोदी को अपना “सबसे अच्छा दोस्त” बताया और कहा कि दोनों नेता काम पूरा करने में विश्वास रखते हैं। भारत ने न केवल टैरिफ कम किए हैं, बल्कि 500 बिलियन डॉलर से ज़्यादा की अमेरिकी ऊर्जा, तकनीक और कृषि उत्पाद खरीदने का भी वादा किया है। मोदी ने कहा कि जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे आपसी सहयोग के अपार अवसर खुलते हैं। यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यूक्रेन युद्ध को खत्म करने और वैश्विक स्थिरता लाने के प्रयासों का भी हिस्सा है।
भविष्य की राह: निफ्टी के लिए 28,100 का नया लक्ष्य
बर्नस्टीन के विश्लेषकों ने उम्मीद जताई है कि निफ्टी 50 इंडेक्स साल के अंत तक 28,100 के स्तर तक पहुँच सकता है। बाजार के जानकारों का कहना है कि यह केवल एक रिकवरी रैली नहीं है, बल्कि एक नए बुल मार्केट की शुरुआत है। भारत अब टैरिफ के मामले में चीन (34%) और कनाडा (35%) जैसे देशों से काफी बेहतर स्थिति में है। पीयूष गोयल ने इसे “ऐतिहासिक मोड़” बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत 2047 की यात्रा को तेज़ करेगा। हालांकि, विशेषज्ञों ने निवेशकों को आगाह भी किया है कि वे उच्च स्तरों पर सावधानी बरतें और केवल ब्लू-चिप शेयरों पर ध्यान केंद्रित करें।
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