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RO-KO पर गंभीर का बड़ा बयान: 2027 वर्ल्ड कप के लिए कोई गारंटी नहीं

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने एक बार फिर 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2-1 से वनडे सीरीज जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में RO-KO पर गौतम गंभीर ने साफ कर दिया कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए टीम में जगह पक्की होने की कोई गारंटी नहीं है। गंभीर ने कहा कि वर्ल्ड कप अभी दो साल दूर है और हमें वर्तमान में जीने की जरूरत है।

हालांकि, गंभीर ने दोनों दिग्गज खिलाड़ियों की तारीफ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा, “वे वर्ल्ड-क्लास प्लेयर्स हैं और ड्रेसिंग रूम में उनका अनुभव बहुत जरूरी है। वे लंबे समय से ऐसा कर रहे हैं और उम्मीद है कि वे आगे भी ऐसा करते रहेंगे, जो 50 ओवर के फॉर्मेट में बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है।”

रोहित और कोहली का शानदार प्रदर्शन

इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली (RoKo) ने शानदार प्रदर्शन किया। विराट कोहली ने 6 मैचों में दो शतक और दो अर्धशतक जड़ते हुए 376 रन बनाए, जबकि रोहित शर्मा ने एक शतक और तीन अर्धशतक के साथ 348 रन जोड़े। दोनों ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।

विराट कोहली को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया, जबकि रोहित शर्मा ने आलोचकों को करारा जवाब दिया। अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वापसी के बाद से यह जोड़ी लगातार रन बना रही है। इसके बावजूद, RO-KO पर गौतम गंभीर का कहना है कि सिलेक्शन फॉर्म और फिटनेस पर निर्भर करेगा, न कि पुरानी उपलब्धियों पर।

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युवाओं पर फोकस: ऋतुराज और यशस्वी का भविष्य

जब गंभीर से रोहित और कोहली के वर्ल्ड कप चांस के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने तुरंत अपना ध्यान युवा खिलाड़ियों ऋतुराज गायकवाड़ और यशस्वी जायसवाल पर केंद्रित कर दिया। गंभीर ने कहा, “सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि वनडे वर्ल्ड कप दो साल दूर है। सेटअप में आने वाले युवा लड़कों को अपने मौकों का फायदा उठाना चाहिए।”

ऋतुराज गायकवाड़ ने दूसरे वनडे में नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक जड़ा, जबकि यशस्वी जायसवाल ने तीसरे वनडे में मैच जिताऊ शतक लगाकर अपनी काबिलियत साबित की। गंभीर ने कहा, “ऋतुराज जैसे किसी खिलाड़ी ने गलत पोजीशन पर बैटिंग की, लेकिन उसने मौके को दोनों हाथों से पकड़ा। यशस्वी ने भी टेस्ट क्रिकेट में अपनी क्वालिटी दिखाई है और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भी उनका भविष्य उज्ज्वल है।”

20-25 खिलाड़ियों का पूल बनाने का लक्ष्य

गौतम गंभीर ने अपनी योजना साझा करते हुए कहा कि वे वर्ल्ड कप से पहले 20 से 25 खिलाड़ियों का एक मजबूत पूल बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हम उन्हें (युवाओं को) जहां भी मौका दे सकते हैं, देने की कोशिश करेंगे। जब भी हम उन्हें मौके दे पाएंगे, हम देंगे।”

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब नियमित कप्तान (रोहित) और उप-कप्तान (शुभमन गिल/श्रेयस अय्यर) वापस आते हैं, तो वे ही स्टार्टर होते हैं। लेकिन बैकअप खिलाड़ियों को हमेशा तैयार रहना चाहिए। RO-KO पर गौतम गंभीर की यह रणनीति साफ करती है कि टीम में कोई भी जगह स्थायी नहीं है और हर किसी को प्रदर्शन करना होगा।

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2027 वर्ल्ड कप: अनुभव बनाम युवा जोश

गंभीर ने दोहराया कि वर्ल्ड कप अभी बहुत दूर है और लंबे समय के फैसले लेना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, “आज में रहना जरूरी है।” उनका मानना है कि अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम के लिए फायदेमंद है, लेकिन चयन मौजूदा फॉर्म और फिटनेस के आधार पर ही होगा।

गंभीर के इस बयान ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। एक तरफ रोहित और कोहली जैसे दिग्गज हैं जो लगातार रन बना रहे हैं, और दूसरी तरफ यशस्वी और ऋतुराज जैसे युवा जो अपनी जगह बनाने के लिए बेताब हैं। RO-KO पर गौतम गंभीर का यह संदेश साफ है कि टीम इंडिया का भविष्य परफॉर्मेंस पर टिका है, नाम पर नहीं।

आलोचकों को जवाब और आगे की राह

रोहित और कोहली के टी20 और टेस्ट से संन्यास लेने के बाद, उन पर वनडे में प्रदर्शन का दबाव था। लेकिन दोनों ने अपने बल्ले से आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है। फिर भी, गंभीर ने स्पष्ट किया है कि वर्ल्ड कप टीम में जगह पाने के लिए उन्हें लगातार अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित करनी होगी।

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गंभीर ने कहा, “उम्मीद है कि उनका (यशस्वी और ऋतुराज) भविष्य बहुत अच्छा होगा।” अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में टीम इंडिया का कॉम्बिनेशन कैसा रहता है और क्या ‘रोको’ की जोड़ी 2027 में अपना जलवा बिखेर पाएगी या युवा ब्रिगेड बाजी मार ले जाएगी।

निष्कर्ष: वर्तमान में जीना ही सही रणनीति

कुल मिलाकर, गौतम गंभीर ने एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने वरिष्ठ खिलाड़ियों के योगदान को सराहा है, लेकिन साथ ही युवाओं को भी तैयार रहने का संदेश दिया है। यह रणनीति भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए सुखद संकेत है, जहां अनुभव और युवा जोश का सही मिश्रण देखने को मिल सकता है। भारत का अगला वनडे मैच जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ है, जहां इन रणनीतियों की असली परीक्षा होगी।

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