कोच गंभीर की चुप्पी: रोहित-कोहली को क्रेडिट न देने पर भड़के उथप्पा
कोच गंभीर की चुप्पी ने क्रिकेट गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। हाल ही में समाप्त हुई भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) श्रृंखला में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रोटियाज को 2-1 से हराया।
इस जीत के शिल्पकार थे अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली। हालांकि, सीरीज के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों की जमकर आलोचना की है।
गंभीर के पूर्व KKR टीम के साथी रॉबिन उथप्पा इस बात से बुरी तरह भड़क उठे हैं। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कोच गंभीर की चुप्पी की आलोचना की, खासकर तब जब कोहली और रोहित ने असाधारण आंकड़े दर्ज किए थे।
उथप्पा ने अपने यूट्यूब चैनल पर स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें यह सुनकर हैरानी हुई कि गंभीर ने दोनों में से किसी को भी श्रेय देने से परहेज किया, जबकि उनके प्रदर्शन ने सभी संदेहों को खत्म कर दिया।
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रॉबिन उथप्पा का तीखा हमला: ‘अजीब लगा, गौतम ने क्रेडिट नहीं दिया’
KKR के पूर्व बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने सीधे तौर पर कोच गौतम गंभीर पर तीखा हमला बोला है। उथप्पा के मुताबिक, साउथ अफ्रीका के खिलाफ हालिया ODI सीरीज़ में रोहित शर्मा और विराट कोहली का योगदान ऐसा था जिसे नजरअंदाज करना अजीब है।
उथप्पा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “मुझे हैरानी इस बात की हुई कि उस सीरीज़ के मैच के बाद, प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मैंने गौतम को रोहित या विराट में से किसी को भी क्रेडिट देते हुए नहीं देखा।
यहां कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने ज़बरदस्त बैटिंग की और हमें दिखाया कि वे कितने अच्छे हैं और कितने अच्छे हो सकते हैं। उन्होंने सभी तरह के शक कम किए और उन लोगों का मुंह बंद कर दिया जो इस बारे में बुरा-भला कहते थे कि वे असल में क्या कर सकते हैं और जब वे सही फॉर्म में होंगे तो इंडिया के लिए क्या करेंगे। यह अजीब लगा।”
कोहली-रोहित का दक्षिण अफ्रीका में धमाकेदार प्रदर्शन
रोहित शर्मा और विराट कोहली ने हाल ही में खत्म हुई दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज़ में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।
विराट कोहली ने तीन ODI मैचों में दो शतक और एक अर्धशतक सहित 302 रन बनाए, जो 151 के जबरदस्त औसत से आए। वह सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे।रोहित शर्मा ने दो अर्धशतकों के साथ 146 रन का योगदान दिया, जो उन्होंने 48.66 की औसत से बनाए।
उनके इन शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर पचास ओवर के फॉर्मेट में उनकी वैल्यू को साबित कर दिया है। रांची में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले वनडे इंटरनेशनल मैच के दौरान विराट कोहली और रोहित शर्मा की बातचीत भी क्रिकेट फैंस के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही थी, जो ड्रेसिंग रूम में उनके अनुभव के महत्व को दर्शाती है।
गंभीर 2027 ODI वर्ल्ड कप के प्लान पर क्यों हैं सावधान?
भले ही दोनों सीनियर खिलाड़ियों ने पिछली दो ODI सीरीज़ में लगातार अच्छे परफॉर्मेंस से पचास ओवर के फॉर्मेट में अपनी अहमियत साबित कर दी है, लेकिन गौतम गंभीर साउथ अफ्रीका में होने वाले 2027 ODI वर्ल्ड कप में उनके खेलने की संभावना को लेकर सावधान हैं। इसी वजह से कोच गंभीर की चुप्पी बनी हुई है।
प्रोटियाज पर 2-1 से सीरीज़ जीतने के बाद गंभीर ने अपने बयान में भविष्य की योजना पर सीधे कुछ भी कहने से परहेज किया। उन्होंने कहा, “सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि ODI वर्ल्ड कप में अभी दो साल बाकी हैं।
आज में रहना ज़रूरी है। वे वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी हैं और ड्रेसिंग रूम में उनका अनुभव ज़रूरी है। वे लंबे समय से ऐसा कर रहे हैं। उम्मीद है, वे ऐसा ही करते रहेंगे, जो पचास ओवर के फॉर्मेट में ज़रूरी होने वाला है।
” यह बयान दर्शाता है कि वह वर्तमान प्रदर्शन को स्वीकार करते हैं लेकिन लंबी अवधि की योजना पर कोई गारंटी देने से बच रहे हैं।
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आईसीसी वनडे रैंकिंग में ‘Ro-Ko’ का जलवा
दक्षिण अफ्रीका सीरीज में कोहली और रोहित के शानदार प्रदर्शन का असर ICC ODI रैंकिंग पर भी देखने को मिला है।
दो शतक और एक नाबाद अर्धशतक बनाने के बाद, विराट कोहली 773 रेटिंग पॉइंट्स के साथ ICC ODI रैंकिंग में दूसरे स्थान पर आ गए हैं।रोहित शर्मा 781 पॉइंट्स के साथ टॉप पर बने हुए हैं, और नंबर एक ODI बैटर के तौर पर अपनी बादशाहत कायम रखी है।
इन दोनों सीनियर बैट्समैन के पास बाकियों से अंतर बढ़ाने का एक और मौका होगा, जब भारत 11 जनवरी से वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज खेलेगा। तब तक, वे 24 दिसंबर से शुरू होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के ग्रुप स्टेज में अपनी स्टेट टीमों के लिए खेल सकते हैं।
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पूर्व कप्तान अजहरुद्दीन ने की तारीफ और दिया BCCI को मैसेज
भारत के पूर्व कप्तान और तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ ODI में विराट कोहली और रोहित शर्मा के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि टीम को इन दोनों की सर्विस लेते रहना चाहिए।
अजहरुद्दीन ने कहा, “यह एक अच्छा परफॉर्मेंस था। वे दोनों ODI खेलना चाहते थे, वे अच्छे खिलाड़ी हैं, ज़ाहिर है उन्होंने अच्छा खेला। अभी बहुत क्रिकेट बाकी है।” उन्होंने BCCI को मैसेज दिया कि भले ही कोहली और रोहित T20I और टेस्ट से रिटायर हो चुके हैं (और सिर्फ़ ODI फ़ॉर्मेट में एक्टिव हैं), भारत को अभी भी लिमिटेड ओवर्स फॉर्मेट में उनकी स्किल्स और लीडरशिप का इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने बताया, “वे टेस्ट से रिटायर हो गए हैं, टीम को उनकी सर्विस लेनी चाहिए। युवा खिलाड़ियों को उनके अनुभव से फ़ायदा होगा,” यह बताते हुए कि अगली पीढ़ी के लिए उनका मार्गदर्शन कितना ज़रूरी होगा। अजहरुद्दीन ने युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल के फॉर्म में लौटने की भी तारीफ की, और कहा, “हाँ, यशस्वी जायसवाल ने भी लंबे समय के बाद अच्छा खेला।”
Ro-Ko को मत रोको: श्रीसंत की अपील
जैसे-जैसे Ro-Ko लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें भारत के ODI प्लान में एक्टिव रखने की मांग ज़ोर पकड़ रही है। पूर्व भारतीय पेसर एस. श्रीसंत ने भी टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर से इन दोनों खिलाड़ियों को रोकने की अपील की थी। उन्होंने कहा, “Ro-Ko को मत रोको। क्योंकि वे अभी खेल रहे ज़्यादातर खिलाड़ियों से हज़ार गुना बेहतर हैं।”
इन सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को स्थिर कर सकती है और युवा खिलाड़ी उनकी मेंटरशिप में तेज़ी से आगे बढ़ सकते हैं। उनके अभी के फॉर्म को देखते हुए, ऐसा कोई कारण नहीं है कि वे 2027 वर्ल्ड कप जैसे बड़े इवेंट में न हों। दोनों ने साउथ अफ्रीका में 2027 WC में खेलने की इच्छा भी जताई है, और यह शायद नेशनल टीम के लिए उनका आखिरी टूर्नामेंट भी हो सकता है।
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क्या गंभीर अपने पुराने रवैये पर कायम हैं?
गौतम गंभीर, जो अपने सीधे और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानबूझकर रोहित और कोहली के प्रदर्शन पर चुप्पी साधे रखी। कोच गंभीर की चुप्पी चाहे 2027 वर्ल्ड कप को लेकर सावधानी का संकेत हो या उनके व्यक्तित्व का हिस्सा, लेकिन इसने एक विवाद को जन्म दे दिया है।
रॉबिन उथप्पा की सार्वजनिक आलोचना यह दर्शाती है कि गंभीर के इस रवैये को उनके पुराने सहयोगियों ने भी पसंद नहीं किया।
क्रिकेट पंडितों का मानना है कि रोहित और कोहली जैसे ‘वर्ल्ड-क्लास’ खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन के बाद श्रेय देना न केवल उनका हक है, बल्कि यह ड्रेसिंग रूम के माहौल के लिए भी सकारात्मक होता। यह देखना दिलचस्प होगा कि गंभीर आने वाली न्यूज़ीलैंड सीरीज में इन सीनियर खिलाड़ियों के बारे में क्या रुख अपनाते हैं।



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