1992 बैच के IAS राजीव वर्मा का करियर दिल्ली के नए मुख्य सचिव नियुक्त:
वरिष्ठ नौकरशाह IAS राजीव वर्मा का करियर को राजीव वर्मा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (GNCTD) का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है, जिसके बाद देश की प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गृह मंत्रालय ने रविवार, 28 सितंबर को एक अधिसूचना जारी कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी राजीव वर्मा को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करने की घोषणा की।
यह आदेश 1 अक्टूबर, 2025 से या कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से, जो भी बाद में हो, प्रभावी होगा। वर्मा वर्तमान मुख्य सचिव धर्मेंद्र का स्थान लेंगे, जो 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
आईएएस अधिकारी राजीव वर्मा अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिज़ोरम एवं केंद्र शासित प्रदेश (AGMUT) कैडर के 1992 बैच के एक अनुभवी अधिकारी हैं। अपनी नियुक्ति से पहले, वह चंडीगढ़ में तैनात थे। गृह मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में स्पष्ट किया, “सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से, श्री राजीव वर्मा, आईएएस (एजीएमयूटी:1992) को चंडीगढ़ से दिल्ली स्थानांतरित किया जाता है और उन्हें 01.10.2025 से या कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से, जो भी बाद में हो, जीएनसीटीडी का मुख्य सचिव नियुक्त किया जाता है।”
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली प्रशासन को एक अनुभवी और व्यावहारिक नेतृत्व की सख्त जरूरत है। इंडियन एक्सप्रेस ने दिल्ली के वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा, “वह एक बहुत अच्छे अधिकारी हैं और नियमों का पालन करने के साथ-साथ व्यावहारिक दृष्टिकोण भी रखते हैं।”
राजीव वर्मा कौन हैं और उनका करियर ग्राफ
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी राजीव वर्मा का जन्म 1966 में हुआ था। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उतनी ही मजबूत है जितना उनका प्रशासनिक करियर। उन्होंने रुड़की विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
Supemo.nic के अनुसार, उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) से कंप्यूटर विज्ञान में एमटेक की डिग्री भी हासिल की है, जो उनकी नौकरशाही विशेषज्ञता के साथ-साथ एक मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि को दर्शाती है।
आईएएस राजीव वर्मा का करियर एक उप-अधिकारी (एसडीओ) के रूप में 1994 में मिज़ोरम के आइज़ोल में भूमि राजस्व प्रबंधन एवं जिला प्रशासन में शुरू हुआ, जो 1996 तक चला।
उसके बाद से, उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर प्रमुख मंत्रालयों में अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें रक्षा, वित्त, शहरी विकास, स्वास्थ्य और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में लंबा अनुभव
दिल्ली प्रशासन के लिए राजीव वर्मा कोई नए चेहरे नहीं हैं; उनका राजधानी से गहरा और लंबा नाता रहा है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया:
दिल्ली में उपायुक्त: (2000-2002)दिल्ली के शहरी विकास और योजना एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन में अतिरिक्त सचिव: इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के शहरी नियोजन और विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दिल्ली सरकार में प्रधान सचिव और आयुक्त:वित्त और राजस्व सचिव, दिल्ली: (2018-2022) तक, उन्होंने दिल्ली सरकार के राजस्व और वित्तीय प्रबंधन को संभाला।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने दिल्ली के परिवहन विभाग में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। इससे पहले, उन्होंने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्य किया, जिससे उन्हें दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का व्यापक अनुभव मिला।
केंद्र और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रमुख भूमिकाएँ
अपने तीन दशक लंबे नौकरशाही करियर में, आईएएस राजीव वर्मा का करियर केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि उन्होंने केंद्र सरकार और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव: (2013-2017) तक, उन्होंने केंद्र सरकार में रक्षा जैसे एक महत्वपूर्ण मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया।
ऊर्जा मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय: उन्होंने इन प्रमुख मंत्रालयों में भी अपनी सेवाएं दी हैं, जो उनकी बहुमुखी प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है।
दिल्ली में मुख्य सचिव नियुक्त होने से पहले, आईएएस राजीव वर्मा का करियर चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण चरण से गुजरा।
चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार और अतिरिक्त सचिव: (2022-2024) तक, उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में इस भूमिका में कार्य किया।
चंडीगढ़ के मुख्य सचिव: 29 जनवरी, 2024 से लेकर अपनी नवीनतम नियुक्ति तक, वह चंडीगढ़ सरकार के मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत रहे। 2024 में, उन्हें चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित का सलाहकार नियुक्त किया गया और उन्हें चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया।
वर्मा वर्तमान मुख्य सचिव धर्मेंद्र की जगह लेंगे, जो 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होंगे। आईएएस राजीव वर्मा का करियर और उनकी अनुभव की विविधता उन्हें दिल्ली के शीर्ष प्रशासनिक पद के लिए एक सक्षम उम्मीदवार बनाती है, खासकर ऐसे समय में जब राजधानी को केंद्र और राज्य के बीच समन्वय स्थापित करने और शहरी चुनौतियों से निपटने के लिए एक कुशल नेतृत्व की आवश्यकता है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव वर्मा की इस नई जिम्मेदारी को दिल्ली की प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का हर अधिकारी अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाता है। उन्हीं में से एक नाम है IAS राजीव वर्मा का करियर, जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहकर अपनी प्रशासनिक दक्षता और दूरदर्शिता से पहचान बनाई।



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