“बिना सबूत सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा” SC की राहुल गांधी को फटकार
‘सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा’ चीन द्वारा ज़मीन हड़पने के दावे पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को फटकार लगाई। अदालत ने उनके खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दिसंबर 2022 में चीनी पीएलए के साथ हुई झड़पों के संबंध में सेना के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए फटकार लगाई, साथ ही उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर भी रोक लगा दी।
- न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एजी मसीह की पीठ ने यह टिप्पणी की।
- पीठ ने राहुल गांधी से बिना सबूत के बयान देने का कारण पूछा।
- अदालत ने उनसे कहा कि वे ऐसे बयान क्यों दे रहे हैं।
पीठ ने उनसे कहा, “बिना किसी सबूत के आप ये बयान क्यों दे रहे हैं? अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो आप ऐसा कुछ नहीं कहेंगे।”
मुख्य बिंदु :
- सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से पूछा कि बिना सबूत चीन द्वारा जमीन हड़पने का दावा क्यों किया।
- अदालत ने कहा कि सच्चा भारतीय ऐसा बयान नहीं देगा, यह सेना का मनोबल गिरा सकता है।
- राहुल गांधी को लखनऊ अदालत की कार्यवाही में अंतरिम राहत मिली, समन पर रोक लगा दी गई।
- राहुल के वकील ने दलील दी कि विपक्ष का नेता प्रेस में छपी बातें भी नहीं कह सकता?
- न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ कुछ भी बोलने की छूट नहीं है।
- शिकायतकर्ता उदय शंकर श्रीवास्तव ने राहुल पर सेना के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणी का आरोप लगाया।
- बीजेपी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद राहुल से विपक्ष के नेता पद छोड़ने की मांग की।
राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट का सवाल: बिना सबूत के बयान क्यों?
न्यायमूर्ति दत्ता ने राहुल गांधी से कई सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि उन्हें कैसे पता चला कि 2,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर चीनियों ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या उनके पास कोई विश्वसनीय सबूत है।
- पीठ ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं।
- उन्हें सोशल मीडिया की जगह संसद में बयान देना चाहिए।
- हालाँकि, न्यायालय ने लखनऊ की अदालत में कार्यवाही पर रोक लगा दी।
इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता उदय शंकर श्रीवास्तव को नोटिस जारी किए गए हैं। गांधी ने अपनी याचिका में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 29 मई के आदेश को चुनौती दी थी।
राहुल के वकील की दलीलें और अदालत की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ वकील एएम सिंघवी ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष के नेता मुद्दे नहीं उठा पाते हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा। सिंघवी ने कहा कि अगर वह प्रेस में छपी बातों को नहीं कह सकते तो वह विपक्ष के नेता नहीं हो सकते।
- सिंघवी ने कहा कि एक सच्चा भारतीय भी चिंता जता सकता है।
- उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों की पिटाई और हत्या हुई थी।
- अदालत ने पूछा कि सीमा संघर्ष में हताहत होना क्या असामान्य है।
सिंघवी ने कहा कि गांधी केवल सूचना के दमन के बारे में चिंता व्यक्त कर रहे थे। पीठ ने कहा कि एक जिम्मेदार नेता के रूप में, गांधी को ऐसे मुद्दों को उचित मंच पर उठाना चाहिए था।
मानहानि का मामला और सरकार की प्रतिक्रिया
गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान कथित तौर पर मानहानिकारक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा था, “चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में सेना के जवानों की पिटाई कर रहे हैं।” शिकायतकर्ता श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि गांधी ने सेना के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी।
- संसदीय कार्य मंत्री, किरण रिजिजू ने इस पर प्रतिक्रिया दी।
- उन्होंने कहा कि राहुल के बयान देश के लिए बेहद हानिकारक हैं।
- उन्होंने उम्मीद जताई कि राहुल और कांग्रेस अपने तौर-तरीके बदलेंगे।
SC ने राहुल गांधी की इन टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की और कहा कि एक सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा। कोर्ट ने कहा कि इन बयानों से हमारी सेनाओं का मनोबल गिरता है।
सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट संदेश: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को उनके इस दावे पर फटकार लगाई कि चीन ने भारतीय क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया है और कहा कि “सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा”। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल “कुछ भी कहने” के लिए नहीं किया जा सकता।
- सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को अंतरिम राहत दी।
- लखनऊ की एमपी-एमएलए अदालत द्वारा जारी समन पर रोक लगाई गई।
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पहले राहुल की याचिका खारिज कर दी थी।
मानहानि की शिकायत पूर्व सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने दायर की थी। इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को उनके दावों पर फटकार लगाते हुए कहा कि “सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा”।
बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को उनके गैर-जिम्मेदाराना दावे के लिए फटकार लगाई है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग की।
- अमित मालवीय ने राहुल गांधी के बयानों को भारत के खिलाफ बताया।
- उन्होंने कहा कि राहुल के बयान राष्ट्रीय सुरक्षा के विरुद्ध हैं।
- मालवीय ने राहुल पर बार-बार लापरवाही से बोलने का आरोप लगाया।
उन्होंने ट्वीट किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इतनी कड़ी फटकार के बाद राहुल गांधी को विपक्ष के नेता के रूप में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।



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