तुकाराम मुंडे राजनीति महाराष्ट्र में अपनी सख्त कार्यशैली और फूड व रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर ताबड़तोड़ छापों के लिए चर्चित 2005 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी और राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंडे एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
अपनी निडर छवि के कारण अक्सर “IAS सिंघम” कहे जाने वाले मुंडे से जब राजनीति में शामिल होने की संभावनाओं पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही स्पष्ट और बेबाक प्रतिक्रिया दी।
‘बिजनेस टुडे’ के ‘इंडिया@100’ कार्यक्रम में बातचीत के दौरान राजनीति में आने के सवाल पर तुकाराम मुंडे ने कहा, “बिल्कुल नहीं। राजनीति की अपनी अलग जरूरतें होती हैं।
मैं एक सीधा-सादा, खुले दिल का और स्पष्टवादी इंसान हूं। मुझे नहीं पता कि राजनीति को ये गुण रास आएंगे या नहीं।” उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी जोड़ा कि यदि वे किसी एक काम (प्रशासन) में अच्छे हैं, तो उन्हें वही करते रहना चाहिए।
FDA कमिश्नर के रूप में महज तीन महीनों के कार्यकाल के भीतर तुकाराम मुंडे ने राज्य भर के रेस्टोरेंट, गोदामों और खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है:
कार्रवाई के आंकड़े: 31 जुलाई तक विभाग ने 3,000 से अधिक निरीक्षण किए, लगभग 55 करोड़ रुपये का असुरक्षित सामान जब्त किया और 165 से अधिक संस्थानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए।
प्रमुख आउटलेट्स पर गाज: डोमिनोज, पिज्जा हट, ब्लिंकइट और जेप्टो (Zepto) के डार्क स्टोर्स पर छापेमारी के दौरान गंदगी, कॉकरोच, छिपकलियों और एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों की मौजूदगी के कारण अस्थाई निलंबन की कार्रवाई की गई।
पुणे व मुंबई में कार्रवाई: मुंबई के प्रतिष्ठित ओटर्स क्लब, प्रिंस ऑफ वेल्स रेस्टोरेंट और पुणे के बाबाज किचन व सैफायर फूड्स (KFC) जैसे स्थानों पर लाइसेंसिंग और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर कड़े कदम उठाए गए।
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अपने 21 वर्षों के प्रशासनिक करियर में लगभग 25 बार तबादले का सामना कर चुके तुकाराम मुंडे ने प्रशासनिक चुनौतियों पर कहा कि वे खुद को चुनौती देना पसंद करते हैं।
बीड़ जिले के एक छोटे से गांव से आकर राज्य के प्रमुख पदों को संभालने वाले मुंडे ने स्पष्ट किया कि नौकरशाह का मुख्य दायित्व जनप्रतिनिधियों द्वारा बनाई गई नीतियों और नियमों को सख्ती से जमीन पर लागू करना है।
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खाद्य सुरक्षा के कड़े मानकों को लागू करने के साथ-साथ FDA ने ‘विमल इलायची’ के सरोगेट विज्ञापन मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को भी नोटिस जारी किए हैं।
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मुंडे ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी।
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