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“दही हांडी हादसा महाराष्ट्र” मुंबई और पुणे में बच्चे व महिला की मौत,

दही हांडी हादसा महाराष्ट्र

दही हांडी हादसा महाराष्ट्र महाराष्ट्र भर में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाने वाला दही हांडी का पर्व इस साल हादसों के कारण गमगीन हो गया। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुए हादसों में एक सात साल के मासूम बच्चे और एक 45 वर्षीय महिला की जान चली गई। वहीं मानव पिरामिड (Human Pyramid) बनाने के दौरान मुंबई और ठाणे में कुल 42 ‘गोविंदा’ घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस तंत्र में हड़कंप मच गया है।

मुंबई के मलाड में 7 साल के मासूम की दर्दनाक मौत

मुंबई के मलाड (पश्चिम) इलाके में दही हांडी के दौरान एक बेहद हृदयविदारक हादसा सामने आया। मालवानी के चिकुवाड़ी स्थित एकता वेलफेयर सोसाइटी में बच्चों का एक समूह खुद से दही हांडी का आयोजन कर रहा था। बच्चों ने हांडी बांधने के लिए रस्सी का एक सिरा पेड़ से और दूसरा सिरा एक इमारत के निचले तले पर बने ईंट के खंभे से बांध दिया था।

जैसे ही बच्चों ने हांडी तोड़ने का प्रयास किया और रस्सी पर खिंचाव पड़ा, जर्जर ईंट का खंभा ढह गया। खंभे का भारी मलबा सीधे सात वर्षीय मासूम के सिर पर आ गिरा। आनन-फानन में बच्चे को नजदीकी मालवानी जनरल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल लाने से पहले मृत) घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से स्थानीय इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

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पुणे में लाउडस्पीकर का लोहे का ढांचा गिरने से महिला की जान गई

दूसरी दुर्घटना पुणे के पिंपरी चिंचवड़ अंतर्गत ओल्ड सांगवी क्षेत्र में शुक्रवार रात को हुई। यहाँ विघ्नहर्ता मंडल द्वारा दही हांडी का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जब कर्मचारी लाउडस्पीकर के अस्थायी लोहे के स्ट्रक्चर (ढांचे) को हटा रहे थे, तब अचानक उसका एक भारी हिस्सा सलमा सलाउद्दीन पठान (45) नामक महिला पर गिर गया।

सिर में गंभीर चोट लगने के कारण सलमा को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतका का बेटा आयोजन समिति का पदाधिकारी है।

परिवार ने आयोजकों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या शिकायत दर्ज कराने से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (Accidental Death Report) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मुंबई और ठाणे में 42 गोविंदा अस्पताल में भर्ती

दही हांडी फोड़ने के लिए कई मंजिला इंसानी पिरामिड बनाने के दौरान संतुलन बिगड़ने से कई गोविंदा नीचे गिर गए। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

मुंबई: शहर के विभिन्न हिस्सों में इंसानी पिरामिड ढहने से 32 गोविंदा घायल हुए। इनमें से 29 को अस्पतालों में ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक इलाज के बाद 25 को छुट्टी दे दी गई, जबकि 4 गोविंदाओं का इलाज जारी है।

ठाणे: पड़ोसी शहर ठाणे में 10 गोविंदा घायल हुए हैं। इनमें से 4 का इलाज छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में (गर्दन, पीठ और सिर की चोटों के लिए) चल रहा है, जबकि 6 अन्य को गंभीर फ्रैक्चर के कारण जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

नागरिक निकाय ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मुंबई के प्रमुख अस्पतालों—जैसे सायन अस्पताल, KEM अस्पताल और नायर अस्पताल—समेत 16 उपनगरीय नागरिक अस्पतालों में 100 से अधिक बेड आरक्षित रखे थे।

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उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अपील: “जान बचाना सबसे पहली प्राथमिकता”

उत्सव के दौरान बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गोविंदाओं से सुरक्षा मानकों का पालन करने का सख्त आग्रह किया। ठाणे के प्रसिद्ध टेंभी नाका कार्यक्रम में बोलते हुए शिंदे ने कहा कि रिकॉर्ड तोड़ने या बड़े पुरस्कार जीतने से ज्यादा जरूरी प्रतिभागियों का जीवन है।

उन्होंने कहा, “मटका फोड़ो, लेकिन अपनी जान बचाओ। यह हमेशा याद रखो कि आपके माता-पिता और परिवार के सदस्य घर पर आपका इंतजार कर रहे हैं। अनुशासन बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि आपके साथ का कोई भी गोविंदा घायल न हो।”

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महाराष्ट्र में दही हांडी का आयोजन एक बड़े सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप में उभरा है, जहाँ लाखों रुपये के नकद इनाम और मशहूर हस्तियों की मौजूदगी रहती है। हालांकि, सुरक्षा मानकों में लापरवाही और ऊंचे इंसानी पिरामिडों के कारण हर साल होने वाले हादसे अब एक गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। दही हांडी हादसा महाराष्ट्र में प्रशासन और आयोजकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

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