“दिनेश ठक्कर जुहू टावर” एंजेल वन के फाउंडर ने खरीदा 8-मंजिला टावर,
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा और प्रीमियम रेजिडेंशियल सौदा दर्ज किया गया है। मशहूर ब्रोकरेज फर्म ‘एंजेल वन’ (Angel One) के फाउंडर, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश ठक्कर ने मुंबई के पॉश इलाके जुहू में 711 करोड़ रुपये का एक पूरा सी-फेसिंग (समुद्र की तरफ वाला) 8-मंजिला टावर खरीदा है। यह डील भारत में किसी सिंगल रेजिडेंशियल यूनिट के लिए अब तक का सबसे महंगा सौदा मानी जा रही है।
रियल एस्टेट डेवलपर एम्बेसी डेवलपमेंट्स लिमिटेड (EDL) के ‘एम्बेसी टेराज़ा’ प्रोजेक्ट का हिस्सा यह टावर लगभग 63,000 वर्ग फुट (RERA कारपेट एरिया) में फैला हुआ है। दिनेश ठक्कर इस आठ मंजिला टावर को अपने फैमिली होम के रूप में इस्तेमाल करेंगे और उन्होंने इसे ‘एंजेलस’ (Angelus) नाम देने का फैसला किया है।
कौन हैं दिनेश ठक्कर? 12वीं पास से कॉर्पोरेट दिग्गज बनने का सफर
दिनेश ठक्कर का सफर पारंपरिक MBA या बड़े बिजनेस स्कूलों की डिग्री से नहीं जुड़ा है।
शुरुआती जीवन और शिक्षा: मुंबई के मुलुंड में एक कपड़ा व्यापारी परिवार में जन्मे ठक्कर ने ठाणे के सेंट जॉन द बैपटिस्ट हाई स्कूल से शुरुआती शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने किशनचंद चेलाराम कॉलेज से दो साल साइंस की पढ़ाई की।
कॉलेज ड्रॉपआउट और संघर्ष: ठक्कर केवल 12वीं पास हैं। उन्होंने पारिवारिक कपड़े के बिजनेस से बाहर निकलकर खुद का रास्ता चुनने का फैसला किया। महज ₹2.5 लाख की शुरुआती पूंजी के साथ उन्होंने वित्तीय बाजार में कदम रखा।
स्कैम का झटका और वापसी: 1980 के दशक के अंत में स्टॉक ब्रोकिंग की दुनिया में कदम रखने वाले ठक्कर को 1992 के हर्षद मेहता घोटाले के दौरान बड़ा झटका लगा और वे कर्ज में डूब गए। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और 1996 में ‘एंजेल ब्रोकिंग’ की स्थापना की, जो बाद में ‘एंजेल वन’ के नाम से डिजिटल फिनटेक दिग्गज बनी।
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₹711 करोड़ के ‘एंजेलस’ टावर की खास बातें
स्थान और साइज: यह संपत्ति मुंबई के जुहू तारा रोड स्थित ‘एम्बेसी टेराज़ा’ में है, जो 2 से अधिक एकड़ में फैली एक लो-डेंसिटी अल्ट्रा-लग्जरी सोसाइटी है।
डिजाइन और प्राइवेसी: टावर में G+7 मंजिलें हैं, जहां से अरब सागर का शानदार नजारा दिखता है। ठक्कर ने बताया कि उनकी प्राथमिकता गोपनीयता, जगह और समुद्र का विहंगम दृश्य थी।
पिछला रिकॉर्ड टूटा: इससे पहले मुंबई के वर्ली में नमन जाना टावर में लीना गांधी तिवारी ने ₹703 करोड़ में डुप्लेक्स खरीदा था। वहीं, गुरुग्राम के DLF द डहलियाज में मानव सरदाना ने ₹271 करोड़ का पेंटहाउस खरीदा था। ठक्कर की यह खरीद अब तक की सबसे बड़ी डील बन गई है।
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एंजेल वन की शानदार कारोबारी रफ्तार
दिनेश ठक्कर की इस बड़ी खरीद के पीछे उनकी कंपनी एंजेल वन की मजबूत वित्तीय स्थिति भी है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में एंजेल वन का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ 102.14% बढ़कर ₹231.40 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में ₹114.47 करोड़ था। जून 2026 तक कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 81% बढ़कर ₹6,200 करोड़ और वेल्थ मैनेजमेंट AUM 165% बढ़कर ₹13,400 करोड़ पर पहुंच गया।
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हाल ही में जुहू के प्राइम लोकेशन पर एक हाई-प्रोफाइल आवासीय संपत्ति के लेन-देन को लेकर सुर्खियों में आया दिनेश ठक्कर जुहू टावर सौदा मुंबई के प्रीमियम प्रॉपर्टी बाजार में तेजी और निवेशकों के बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
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