“डोनाल्ड ट्रंप ट्रेड वॉर” ट्रम्प ने कनाडा पर लगाया 50% टैरिफ,
डोनाल्ड ट्रंप ट्रेड वॉर अमेरिका और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। वाशिंगटन में दोनों देशों के बीच आयोजित उच्च स्तरीय व्यापार वार्ता (Trade Talks) के पूरी तरह विफल हो जाने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिका ने कनाडा से आने वाले लगभग 20 अरब डॉलर (लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये) मूल्य के सामानों पर 50 प्रतिशत तक भारी-भरकम टैरिफ लागू कर दिया है।
इसके जवाब में कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी पीछे न हटने का ऐलान करते हुए “डॉलर के बदले डॉलर” (Dollar-for-Dollar) की तर्ज पर जवाबी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। दोनों देशों के बीच उभरे इस गंभीर टकराव ने ‘यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट’ (USMCA) के भविष्य पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं।
’51वां राज्य बने बिना फायदा उठाना चाहता है कनाडा’: डोनाल्ड ट्रंप का तीखा हमला
व्यापार वार्ता टूटने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर कनाडा सरकार और उसकी आर्थिक नीतियों की कड़ी आलोचना की।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा:
“कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य बने बिना अमेरिकी राज्य होने का अनुचित लाभ उठाना चाहता है! उन्होंने लंबे समय से कनाडाई टैरिफ के जरिए हमारे किसानों पर भारी आर्थिक बोझ डाला है। अब यह सब और नहीं चलेगा!”
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि वॉशिंगटन का यह सख्त कदम उन पिछले फैसलों का स्वाभाविक जवाब है, जिनके जरिए कनाडाई बाजारों में अमेरिकी कृषि उत्पादों और डेरी सामानों पर पाबंदियां लगाई गई थीं।
अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने टैरिफ का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका ऐसे नाजुक मोड़ पर पहुंच चुका था जहां अमेरिकी कर्मचारियों और सप्लाई चेन की सुरक्षा के लिए कड़े जवाबी कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।
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हॉकी स्टिक से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक; 50% टैरिफ लागू
अमेरिका द्वारा शनिवार से लागू किए गए इस नए टैरिफ का दायरा बेहद व्यापक है। इसमें कनाडाई विनिर्माण (Manufacturing) और दैनिक उपयोग से जुड़ी वस्तुओं को निशाना बनाया गया है:
शामिल उत्पाद: खेल उपकरण (हॉकी स्टिक), चिकित्सा उपकरण (टंग डिप्रेशर), औद्योगिक सामान और कृषि उत्पाद।
सप्लाई चेन पर असर: विशेषज्ञों का अनुमान है कि 50% टैरिफ लगने से सीमा के दोनों ओर विनिर्माण लागत में भारी वृद्धि होगी और हजारों नौकरियों पर खतरा मंडराने लगेगा।
‘हम पर हमला हुआ है, हम घुटने नहीं टेकेंगे’: कनाडाई पीएम मार्क कार्नी
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी आर्थिक दबाव के सामने झुकने से साफ़ इनकार कर दिया है। ओटावा में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कार्नी ने इस घटनाक्रम को राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला करार दिया।
मार्क कार्नी ने कहा:
“जब आप पर हमला होता है, तो आप युद्ध की स्थिति में होते हैं—और हम पर हमला हुआ है। कनाडा, वाशिंगटन द्वारा थोपी जा रही एकतरफा शर्तों को कभी स्वीकार नहीं करेगा। हम इस आर्थिक हमले का जवाब उसी भाषा में देंगे।”
कार्नी की योजना के तहत, कनाडा 8 सितंबर से अमेरिका से आयात होने वाले निम्नलिखित प्रमुख उत्पादों पर “डॉलर के बदले डॉलर” के आधार पर जवाबी शुल्क लागू करेगा:
स्टील और एल्युमीनियम
डेयरी और खाद्य उत्पाद
घरेलू उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान
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USMCA ट्रेड एग्रीमेंट के भविष्य पर मंडराया संकट
दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़ती तल्खी ने उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े व्यापारिक समझौते ‘USMCA’ (United States-Mexico-Canada Agreement) के रिन्यूअल पर गहरा संकट पैदा कर दिया है।
समझौते की स्थिति: इस समझौते पर ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे, जिसने तीनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों के लिए एक स्थिर कानूनी ढांचा प्रदान किया था।
16 साल का विस्तार: कनाडा और मेक्सिको ने इस एग्रीमेंट को अगले 16 वर्षों के लिए रिन्यू करने का औपचारिक अनुरोध किया था।
कार्नी का बयान: बातचीत विफल होने और नए टैरिफ युद्ध के बाद जब कार्नी से USMCA के भविष्य पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट स्वीकार किया कि यह निश्चित रूप से उत्तरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए “अच्छी खबर नहीं है।”
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वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था के लिए आगे क्या?
व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वाशिंगटन और ओटावा जल्द ही कूटनीतिक मेज पर वापस नहीं लौटते हैं, तो यह टैरिफ वॉर एक लंबी आर्थिक जंग में तब्दील हो जाएगा।
नॉर्थ अमेरिकन सप्लाई चेन (North American Supply Chain) पर निर्भर कंपनियों, निवेशकों और आम उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में महंगाई और अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल दुनिया भर के वित्तीय बाजारों की नजर इस बात पर टिकी है कि 8 सितंबर को कनाडा द्वारा प्रस्तावित जवाबी टैरिफ लागू होने से पहले दोनों देशों के बीच कोई बीच का रास्ता निकलता है या नहीं। अमेरिकी व्यापार नीतियों, आयात शुल्क में बढ़ोतरी और चीन के रुख के बीच जानें डोनाल्ड ट्रंप ट्रेड वॉर की पूरी इनसाइड स्टोरी
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